पाक से आ रहे हैं जंग के संदेश: अफ़गानिस्तान

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अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने राजधानी काबुल में हुए चरमपंथी हमलों के लिए पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है.
काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सोमवार को तालिबान के एक कार बम धमाके में पांच लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं.
काबुल में पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों में मारे जाने वालों की संख्या 50 हो गई है.
'दशकों तक संबंधों पर असर'
अफ़गानिस्तान के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक प्रेस कॉंफ्रेंस में राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में चल रहे आत्मघाती हमलावरों के प्रशिक्षण शिविर और बम-बनाने वाली फ़ैक्ट्रियां 'हमेशा की तरह सक्रिय' हैं.
हालाँकि पाकिस्तान काफ़ी समय से इन आरोपों का खंडन करता आया है.

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ग़नी ने कहा, "जैसे कि पेशावर में हुए धमाके और सैकड़ों मासूम बच्चों की हत्या को देश (पाकिस्तान) के इतिहास में एक मील का पत्थर माना गया था वैसे ही काबुल में हुए हाल के हमले हमारे लिए मील का पत्थर हैं".
उन्होंने कहा, "आने वाले हफ़्तों में पाकिस्तान सरकार जो फ़ैसले लेगी उसका दोनों देशों के संबंधों पर दशकों तक असर पड़ेगा".
अफ़गान राष्ट्रपति ने पूछा कि काबुल के शाह शाहिद में हुआ हालिया हमला अगर इस्लामाबाद में होता तो पाकिस्तान इस पर क्या प्रतिक्रिया देता.

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उन्होंने कहा, "हम ऐसी जंग में अपने लोगों का खून बहता नहीं देख सकते जिसे विदेश से लाकर हम पर थोपा गया है. हम शांति की उम्मीद कर रहे थे लेकिन पाकिस्तान की धरती से हमारे ख़िलाफ़ जंग का ऐलान किया जा रहा है."
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