इसराइल फ़लस्तीनी बच्चे के क़ातिलों को पकड़ेगा

इमेज स्रोत, Getty
इसराइल ने कहा है कि वो पश्चिमी तट पर आगजनी के हमले में फ़लस्तीनी बच्चे की जान लेने वालों को पकड़ कर रहेगा.
माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे पश्चिमी तट में रहने वाले यहूदी हो सकते हैं.
प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "इसराइल इस अपराध से लड़ने और इसे अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है."
डूमा में हुए हमले में एक 18 महीने के बच्चे की मौत हो गई थी जबकि उसके माता-पिता और एक चार वर्षीय भाई गंभीर रूप से घायल हैं.
फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए इसराइल पूरी तरह से ज़िम्मेदार है.

इमेज स्रोत, AFP
जिन दो घरों में आगजनी की गई उनमें से एक की दीवार पर हिब्रू भाषा में 'बदला' लिखा गया था. आगजनी में घर पूरी तरह से जल गए हैं.
नेतन्याहू ने कहा कि अली शाद दवाबशा की जान लेने वाला यह हमला 'हर रूप से आतंकी कार्रवाई है.'
नेतन्याहू और इसराइल के राष्ट्रपति ने इसराइल में इलाज करा रहे मारे गए बच्चे के भाई से अस्पताल में मुलाक़ात करने के लिए अलग-अलग दौरा किया.
नेतन्याहू ने फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से भी फ़ोन पर बात की और हमले की आलोचना की.
अमरीका ने भी इस हमले की आलोचना की है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>














