'बंदूक पर क़ाबू न कर पाने का दुख'

बराक ओबामा ने माना है कि अमरीका में बंदूकों पर काबू न कर पाने का उन्हें गहरा मलाल है.
बीबीसी से एक ख़ास बातचीत में उन्होंने कहा कि अमरीका एकमात्र ऐसा विकसित देश है जहां अक्सर गोलीबारी में लोगों के मारे जाने के बावजूद बंदूकों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त क़ानून नहीं हैं.
ओबामा ने कहा कि 11 सितंबर के हमलों के बाद से चरमपंथियों के हाथों 100 से भी कम अमरीकी नागरिक मारे गए हैं लेकिन इस दौरान देश में सिरफिरे लोगों की गोलीबारी में कई गुना अधिक अमरीकी मारे गए हैं.
अमरीका में सैंडी हुक स्कूल में 2012 में हुई गोलीबारी के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने बंदूकों पर नियंत्रण के लिए कड़े उपायों पर ज़ोर दिया था लेकिन बंदूकों पर प्रतिबंध संबंधी विधेयक कांग्रेस में पारित नहीं हो पाया.
राष्ट्रपति ओबामा का कहना है कि इस मुद्दे को हल न कर पाने की उन्हें पीड़ा है और वे 18 महीने के बचे हुए कार्यकाल में अपनी कोशिश जारी रखेंगे.
असर

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि ब्रिटेन अगर दुनिया भर में अपना असर बरकरार रखना चाहता है तो उसे यूरोपियन यूनियन का सदस्य बने रहना चाहिए.
ब्रिटेन की सरकार वर्ष 2017 में एक जनमत संग्रह कराने वाली है जिसमें तय किया जाएगा कि ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन का सदस्य बना रहेगा या नहीं.
बीबीसी के नॉर्थ अमेरिका एडिटर जॉन सोपेल को दिए इंटरव्यू में बराक ओबामा ने कहा कि ''यूरोपियन यूनियन ने दुनिया को सुरक्षित और संपन्न बनाया है.''
उन्होंने ब्रिटेन को अमरीका का सबसे 'अच्छा साझीदार' बताते हुए प्रधानमंत्री डेविड केमरन की सराहना की.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें.</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>














