कर्ज़ संकट पर ग्रीस में होगा जनमतसंग्रह

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आर्थिक संकट में घिरे ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस त्सिप्रास ने अपने देश को मिलने वाले प्रस्तावित राहत पैकेज समझौते पर जनमत संग्रह कराने की घोषणा की है.
ये जनमत संग्रह पांच जुलाई को होगा.
उन्होंने ग्रीक टीवी पर अपने संबोधन में कहा कि इस समझौते में यूरोपीय मूल्यों और नियमों का उल्लंघन हुआ है और ग्रीक लोगों को अपमान झेलना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि 'लोग स्वतंत्र होकर फ़ैसला ले, ब्लैकमेल ना हों.'
ग्रीक प्रधानमंत्री ने शनिवार को हो रही यूरोज़ोन के वित्त मंत्रियों की बैठक से पहले ये बात कही है.

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राहत पैकेज
इससे पहले ब्रसेल्स में हुई वार्ता में कर्ज़दाताओं ने ग्रीस के राहत पैकेज कार्यक्रम को पाँच महीने बढ़ाने का प्रस्ताव दिया.
इन प्रस्तावों को तहत ग्रीस को 15.5 अरब यूरो दिए जाने हैं जिनमें से 1.8 अरब यूरो उसे तुरंत मुहैया हो जाते. हालांकि ये प्रस्ताव ग्रीस के आर्थिक सुधार लागू करने की शर्तों से बंधे हैं.
30 जून तक आईएमएफ़ का कर्ज़ चुकाने के लिए ग्रीस को 1.5 अरब यूरो देने हैं.
अंतरराष्ट्रीय कर्ज़दाता चाहते हैं कि ग्रीस पेंशनों में कटौती करे और टैक्स दरें बढ़ाए.
शनिवार को हो रही वित्त मंत्रियों की बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी.

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उदार प्रस्ताव
जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने प्रस्तावों को 'असाधारण रूप से उदार' बताते हुए ग्रीस से इन्हें स्वीकारने का आग्रह किया है.
ग्रीस सरकार ने इससे पहले यूरोपीय क़र्ज़दाताओं की ओर से प्रस्तावित राहत पैकेज को नकार दिया था.
ग्रीस को 30 जून तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को डेढ़ अरब यूरो चुकाने है.
यदि ग्रीस अपना क़र्ज़ नहीं चुका पाता है तो वह यूरोज़ोन से बाहर हो सकता है जिसका बाक़ी यूरोप और विश्व की अर्थव्यवस्था पर असर हो सकता है.
ग्रीस पिछले छह सालों से मंदी की मार झेल रहा है. इस साल जनवरी में चुनाव जीतने के बाद एलेक्सिस त्सिप्रास की सीरिज़ा पार्टी ने ख़र्च में बेहद सख़्त कटौती को कम करने का वादा किया था.
सीरिज़ा पार्टी का कहना है कि राहत पैकेज की कठोर शर्तों ने ग्रीस को और ग़रीब कर दिया है और बेरोज़गारी बढ़ रही है. ग्रीस में इस समय बीस प्रतिशत बेरोज़गारी है.
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