अपमानजनक शर्तें ने थोपेंः त्सीपरास

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वित्तीय संकट से जूझ रहे ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस त्सीपरास ने क़र्ज़ देने वाले देशों को आगाह किया है कि वे उनके देश पर अपमानित करने वाली शर्तें न थोपें.
त्सीपरास ने कहा कि राहत पैकेज के लिए बातचीत अहम पड़ाव पर है, लेकिन क़र्ज़ देने वाले देशों के प्रस्ताव व्यावहारिक नहीं हैं.
प्रधानमंत्री क़र्ज़ देने वाले देशों के प्रस्तावों के ख़िलाफ़ उनकी वामपंथी पार्टी सिरीज़ा में बढ़ते विरोध के बीच संसद में बयान दे रहे थे.
ग्रीस को शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) को 30 करोड़ यूरो का भुगतान करना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.
त्सीपरास ने यूरोपीय संघ-आईएमएफ़ की क़र्ज़ योजना को 'यूरोप के लिए बुरा क्षण' और 'ख़राब चाल' बताया.
मुकरने का आरोप

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त्सीपरास ने इन देशों पर अपने वादे से मुकरने का आरोप भी लगाया.
त्सीपरास इस सप्ताह जब ब्रसेल्स में यूरोज़ोन के वित्त मंत्रियों के प्रमुख जेरोन दिसेलब्लोएम और यूरोपीय आयोग के प्रमुख ज्यौं क्लौद यूंकर से मिले थे तो उन्हें क़र्ज़ योजना का प्रस्ताव थमाया गया था.
शुक्रवार को त्सीपरास ने इस प्रस्ताव से असहमति जताते हुए कहा, "किसी देश का गला दबाना यूरोप के मूल सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है."
उन्होंने कहा कि कोई भी क़रार समस्या के हल के लिए होना चाहिए न कि किसी देश के अपमान के लिए.
त्सीपरास ने कहा कि उनके प्रस्ताव ही व्यावहारिक विकल्प हैं.
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