मिस्र: जानवरों की ममी हुई गायब

बिल्ली की ममी
    • Author, रेबेका मोरेली
    • पदनाम, विज्ञान संवाददाता, बीबीसी न्यूज़

वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने प्राचीन मिस्र के जानवरों की ममी उद्योग में घपले को उजागर किया है.

मैनचेस्टर संग्राहलय में एक स्कैनिंग प्रोजेक्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के ज़रिए इस बात का पता चला कि एक तिहाई ममी में कपड़ो के गट्ठर अंदर से खाली थे.

शोधकर्ताओं का मानना है कि धार्मिक कारणों से जानवरों की ममी की मांग काफ़ी होना इसकी वजह हो सकती है.

शोधकर्ता दल की ओर से किया गया अपनी तरह का यह अनोखा स्कैनिंग प्रोजेक्ट था.

इसके तहत बिल्ली और चिड़ियों की ममी से लेकर घड़ियाल की ममी तक 800 ममियों से ज़्यादा की स्कैनिंग एक्स रे और सीटी स्कैन की मदद से की गई.

धार्मिक मकसद

इसमें से एक तिहाई ममियों में मृत जानवरों के शरीर सही सलामत हालत में पाए गए.

एक तिहाई में मृत जानवरों के शरीर आंशिक रूप से संरक्षित पाए गए हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैनचेस्टर की विशेषज्ञ डॉक्टर लिडीजा मैकनाइट ने बताया कि आश्चर्य की बात है कि एक तिहाई जानवरों की ममी में कोई भी जानवरों का अवशेष नहीं मिला.

इसके बजाए वो बताती है कि कपड़ों में कुछ और ही चीजें लिपटी हुई थीं.

मसलन लकड़ी, कीचड़ और खर-पतवार जैसी चीज़ें.

इंसानों की ममी मृत शरीर को संरक्षित करने के मकसद से बनाई जाती थीं लेकिन जानवरों की ममी का इस्तेमाल धार्मिक मकसद से किया जाता था.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और<link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>