क्यों हर कलाकार बर्लिन में बसना चाहता है?

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हाल के वर्षों में ऐसा क्या हुआ कि बर्लिन दुनिया भर के कलाकारों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है? काम करने और रहने दोनों के लिहाज से !
यकीन नहीं हो रहा है तो यहां रहने वाले कलाकारों की संख्या पर गौर कीजिए. दुनिया भर के करीब 20 हज़ार कलाकार बर्लिन में रह रहे हैं और यहां की 400 गैलरी में दिन रात काम हो रहा है.

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लंदन के टेट मॉर्डन गैलरी के प्रमुख क्रिस डेरकॉन बर्लिन का रुख करने वाले हैं. वे दुनिया की सबसे डायनेमिक थियेटर कंपनियों में गिनी जाने वाली बर्लिन की वॉकबूहेन के निदेशक बनने जा रहे हैं.
इतना ही नहीं, ब्रिटिश म्यूज़ियम के निदेशक नील मैकग्रेगोर भी अब बर्लिन को अपनी कर्मस्थली बनाने जा रहे हैं. वे हमबोल्ड्ट फोरम में 2016 से अहम भूमिका निभाने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं.
हमबोल्ड्ट फोरम 60 करोड़ यूरो का कलात्मक प्रोजेक्ट है जिसके तहत प्रूशियन इंपीरियल पैलेस को नए सिरे से विशाल सांस्कृतिक केंद्र में तब्दील किया जाना है.
समाज का नवनिर्माण करती कल्चर

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क्रिस डेरकॉन कहते हैं, "बर्लिन ने एक नई तरह का टेमप्लेट दिया है. नज़र आता है कि कैसे उतार-चढ़ाव के बावजूद किसी शहर की कल्चर नए समाज का निर्माण कर सकती है. यहां आर्टिस्टों का तांता लगने का एक कारण है सस्ते किराए जिनके कारण स्टूडियो के लिए बड़ी जगह ली जा सकती है और ऐसे स्टूडियो बड़ी संख्या में उपलब्ध भी हैं."

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इसके अलावा इस शहर में रहने के लिए बहुत तामझाम की जरूरत नहीं होती है. बर्लिन में किसी भी कलात्मक परियोजना के लिए आसानी से फंड जुटाना संभव होता है. वित्तीय मदद देने के लिए कई बड़ी और शक्तिशाली संस्थाएं भी मौजूद हैं.
शहर की संस्कृति
मैक्कग्रेगोर ने बीबीसी कल्चर को बताया, "बर्लिन ख़ुद को नई तरह से परिभाषित करता रहा है. बर्लिन अपने बारे में अपनी इमारतों के ज़रिए बताता है."

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जर्मन और ब्रितानी लोगों के अलग रूख़ पर मैक्कग्रेगर कहते हैं, "जर्मन अपने इतिहास और कल्चर को पुरानी बातों से सीखने और आगे की तैयारी करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. ब्रितानी अपने इतिहास से ख़ुद को अपनी भूमिका के बारे में दिलासा देते हैं. बर्लिन के म्यूज़ियम और सांस्कृतिक केंद्रों को देखें तो बात साफ़ हो जाती है."
<italic><bold> अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/culture/story/20150430-the-worlds-most-creative-city" platform="highweb"/></link> यहां पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी कल्चर</caption><url href="http://www.bbc.com/culture" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>
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