भूकंप के 5 दिन बाद ज़िंदा निकला किशोर

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नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के पाँच दिन बाद बड़े आश्चर्यजनक ढंग से राजधानी काठमांडू में एक किशोर को ज़िंदा बचा लिया गया है.

बताया जा रहा है कि मलबे के भीतर सांस लेने की गुंजाइश बन जाने के कारण उसकी जान बच गई.

जब किशोर दिन के उजाले में आंखें झपकाता बाहर आया तो उसे देखकर लोग खुशी से चिल्ला पड़े. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.

अधिकारियों के अनुसार भूकंप के कारण नेपाल में अब तक 5500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 11000 लोग घायल हुए हैं.

भूकंप के केंद्र के आस पास बसे कई गांव के लोग अभी भी पानी, भोजन और आवास की कमी से जूझ रहे हैं.

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संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इनमें से कई गांवों तक पहुंचने में अभी पांच दिन और लगेगें.

राहत और बचाव कार्य से नाखुश

इधर राहत और बचाव कार्य की धीमी गति के कारण नेपाल के ग्रामीण इलाकों में असंतोष बढ़ रहा है.

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भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुए कई गांवों में तो अभी तक कोई सहायता और राहत सामग्री नहीं पहुंची है.

कुछ इलाकों में लोगों ने बीबीसी को बताया कि वे बेहद नाराज़ हैं क्योंकि अब तक ना तो किसी तरह का खाना ना ही दवाई उन तक पहुंची है.

संयुक्त राष्ट्र ने अगले तीन महीनों में नेपाल को 415 करोड़ डॉलर की मदद की पेशकश की है.

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राजधानी काठमांडू में स्थित देश के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा में काफी भीड़भाड़ और अफरातफरी का माहौल है.

मुश्किल ये है कि यहां हवाईजहाज़ के उतरने और उड़ान भरने के लिए केवल एक ही रनवे उपलब्ध है.

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