कोर्ट ने लखवी पर सरकार का फ़ैसला पलटा

ज़कीउर रहमान लखवी

पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमलों के अभियुक्त ज़कीउर रहमान लखवी की हिरासत पर सरकार के फ़ैसले को पलट दिया है.

पाकिस्तान की सरकार ने लखवी को सार्वजनिक जगहों पर क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े एक क़ानून के तहत बीते साल हिरासत में लिया था.

तब कहा गया था कि पाकिस्तान ने ये कदम भारत, चीन और अमरीका के साथ राजनयिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए उठाया था.

सरकार का रुख़

पाकिस्तान की अदालत के इस ताज़ा फैसले के साथ ही लखवी के लिए क़ानूनी अड़चने लगभग समाप्त हो गई हैं.

मुंबई हमलों और अपहरण के एक अन्य मामले में लखवी को ज़मानत पहले ही मिल चुकी है.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान का कहना है कि लखवी की रिहाई होने पर पाकिस्तान की सरकार की किरकिरी हो सकती है.

संवाददाता के मुताबिक इस मामले में पाकिस्तान सरकार का रुख़ अभी साफ़ नहीं है-लखवी को जेल में बंद रखने के लिए सरकार उन पर कोई और आपराधिक मामला दर्ज कर सकती है या फिर जेल से निकलने के बाद उन्हें घर में नज़रबंद कर सकती है.

लखवी भारत विरोधी चरमपंथी गुट लश्करे तैबा के कमांडर हैं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक रावलपिंडी जेल में भी लखवी काफ़ी एशो-आराम की ज़िंदगी बिताते आए हैं.

उन्हें इस्लामाबाद की आतंकवाद निरोधक अदालत ने पिछले साल 18 दिसंबर को ज़मानत दी थी. लेकिन सरकार ने उन्हें तीन महीने के लिए नज़रबंद कर दिया था.

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