बोको हराम: 'क़ैद से छुड़ाए बच्चे अपना नाम भी भूले'

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कैमरून में चरमपंथी संगठन बोको हराम की क़ैद से छुड़ाए गए तकरीबन 80 बच्चे अपना नाम और पता भूल चुके हैं.

इन बच्चों से मिले सहायता मिशन के एक अधिकारी ने ये जानकारी दी है.

अमरीका के नेशनल डेमोक्रेटिक इंस्टीच्यूट के निदेशक क्रिस्टोफर का कहना है कि बोको हराम की क़ैद से छुड़ाए गए इन बच्चों की उम्र 5 से 18 साल के बीच है और ये बच्चे न तो अंग्रेज़ी बोल सकते हैं और न ही फ्रेंच या कोई दूसरी स्थानीय भाषा.

ये बच्चे नवंबर में उत्तरी कैमरून के एक शिविर में मिले थे.

जिहादी विचारधारा

क्रिस्टोफ़र का कहना है कि बोको हराम की क़ैद में लंबा समय बिताने और लगातार जिहादी विचारधारा सिखाए जाने से बच्चे अपनी पहचान भूल गए हैं.

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क्रिस्टोफर ने बीबीसी को बताया कि वो बच्चों की मदद करने वाली एक संस्था के अनाथालय में बच्चों से मिले थे.

क्रिस्टोफर ने कहा, "काफी दिनों से माता-पिता का साथ और संपर्क छूट चुका है. ये अपना नाम तक नहीं बता पा रहे हैं."

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नाइजीरियाई मूल के चरमपंथी संगठन बोको हराम के लड़ाकों ने कैमरून में अपना चौतरफा अभियान छेड़ रखा है. वे उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में इस्लामी शासन की स्थापना करना चाहते हैं.

बोको हराम ने इस इलाके में कई गांवों और शहरों पर क़ब्ज़ा कर लिया है. हाल ही में उसने दूसरे चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट का साथ देने का वादा भी किया है.

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