तुर्की: राष्ट्रपति अरदोगान पर जुर्माना

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तुर्की के राष्ट्रपति रचेप तय्यप अरदोगान पर साल 2011 में एक मूर्ति पर अपमानजनक बयान देने के लिए जुर्माना लगाया गया है.
राष्ट्रपति अरदोगान उस वक़्त प्रधानमंत्री के पद पर थे. उन्होंने 'स्टेच्यु ऑफ़ ह्यूमेनिटी' को 'कुरूप' बताया था और सुझाव दिया था कि उसे हटा दिया जाना चाहिए.
इस स्मारक को तुर्की और आरमेनिया के बीच दोस्ती के प्रतीक के रूप में बानया गया था. इसमें पूर्वी शहर कार्स के एक पहाड़ पर आमने सामने दो 30 मीटर ऊंची मानव आकृतियों थीं.
कभी पूरी नहीं हुई प्रतिमा

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ये स्मारक कभी पूरा नहीं हो सका और अरदोगान के बयान के कुछ ही महीनों बाद इसे नष्ट कर दिया गया था.
हुर्रियत डेली न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार इस्तांबुल की एक अदालत ने अब ये फ़ैसला सुनाया है कि राष्ट्रपति अरदोगान मूर्तिकार महमत अकसोई को 4000 डॉलर की राशि भरपाई के रूप में दें.
अकसोई ने अपने काम का अपमान करने पर लगभग 40,000 डॉलर की मांग की थी.
जिसपर अरदोगान के वकील ने दलील दी थी कि उनका ये बयान आलोचना थी अपमान नहीं.
2014 में तुर्की की भाषा संघ ने अदालत से कहा कि जो शब्द अरदोगान ने इस्तेमाल किया था उसका सीधा मतलब होता है 'बहुत ही अजीब और बहुत बदसूरत'.
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