यूक्रेन: समझौते में बाधक भारी हथियार

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न यूक्रेन सरकार और न ही अलगाववादी विद्रोहियों ने पूर्वी हिस्से के युद्ध क्षेत्र से अपने भारी हथियार हटाए हैं.
जॉर्जिया की राजधानी मिंस्क में हुए शांति समझौते के मुताबिक़, दोनों पक्षों को सोमवार तक हथियार हटाने थे.
यूक्रेन सरकार ने कहा है कि डेबालसूवा में जब तक लड़ाई ख़त्म नहीं हो जाती, वह अपने हथियार वहां से नहीं हटाएगी.
दोनेत्स्क पर गोलाबारी

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दूसरी ओर विद्रोहियों का दावा है कि डेबालसूवा शांति समझौते के तहत नहीं आता क्योंकि वह इलाक़ा सेना ने घेर रखा है.
उन्होंने यूक्रेनी सेना को अपने फंसे हुए सैनिक वहां से सुरक्षित निकाल लेने का प्रस्ताव दिया है.
विद्रोहियों ने सेना पर दोनेत्स्क हवाई अड्डे पर गोलाबारी का आरोप लगाया है. फ़्रांस, जर्मनी और अमरीका ने युद्ध विराम के बावजूद लड़ाई चलते रहने पर चिंता जताई है.
डेबालसूवा में लड़ाई

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यूरोपीय सुरक्षा व सहयोग संगठन (ओएससीई) के पर्यवेक्षक डेबालसूवा जाने की कोशिश में हैं पर लड़ाई की वजह से वे वहां नहीं पहुँच पा रहे.
जर्मन चांसलर एंगेला मर्कल और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति फ़्रांसुआं ओलांद ने ओएससीई के लोगों को डेबालसूवा जाने देने की अपील की है.
भारी हथियारों के युद्ध क्षेत्र से बाहर निकालने के बाद तक़रीबन 50 किलोमीटर के दायरे का असैन्यीकरण किया जाएगा. ये दो बातें लागू होने के बाद ही शांति समझौता आगे बढ़ाया जा सकता है.
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