ट्विटर पर शिया-सु्न्नी एकजुटता की अपील

इमेज स्रोत, Reuters
- Author, श्रुति अरोड़ा
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
पाकिस्तान की एक शिया मस्जिद में हुए धमाके में 49 लोगों के मारे जाने के बाद ट्विटर पर शिया-सुन्नी एकता की गुजारिश करने वाला हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं.
यह धमाका दक्षिणी सिंध प्रांत के शिकारपुर ज़िले में हुआ है. माना जा रहा है कि शुक्रवार की नमाज़ के बाद हुए इस धमाके को आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया है.
ज्यादातर ट्विटर यूजर्स ने हैशटैग <link type="page"><caption> #Shikarpur</caption><url href="https://twitter.com/hashtag/shikarpur" platform="highweb"/></link> का इस्तेमाल करते हुए धमाके की निंदा की है. जबकि कइयों ने हैशटैग <link type="page"><caption> #ShiaSunniBrotherhood</caption><url href="https://twitter.com/hashtag/ShiaSunniBrotherHood?src=hash" platform="highweb"/></link> के तहत शिया और सुन्नी संप्रदायों से एकजुट होने की अपील की है.
ये दोनों हैशटैग पाकिस्तान में ट्विटर के पांच शीर्ष ट्रेंड में हैं. हैशटैग #Shikarpur सूची में अव्वल नंबर पर है.
ट्विटर पर प्रतिक्रिया

इमेज स्रोत, EPA
ट्विटर यूजर <link type="page"><caption> असद उल्लाह क़ासिम</caption><url href="https://twitter.com/aq_781" platform="highweb"/></link> (@AQ_781) ने ट्वीट किया है, "इन आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले ना मुस्लिम है और ना ही उनका इस्लाम कुछ लेना देना है ."
एक दूसरे ट्विटर यूजर <link type="page"><caption> डॉक्टर आयशा</caption><url href="https://twitter.com/search?q=%40DrAyesha4" platform="highweb"/></link> ने (@DrAyesha4) ने कहा है, " सुन्नी और शिया, इस्लाम के दो संप्रदाय है और हम एक साथ है."
लश्कर-ए-झांगवी(एलइजे) जैसे सांप्रदायिक चरमपंथी समूहों के ख़िलाफ़ पत्रकार मार्वी सिरमद कार्रवाई करने की मांग करते हैं. पाकिस्तान में शिया मुस्लिमों पर होने वाले हमलों में अक्सर इस संगठन का नाम आता है.
<link type="page"><caption> मार्वी सिरमद</caption><url href="https://twitter.com/marvisirmed/status/561093601501786114" platform="highweb"/></link> (@marvisirmed) ट्वीट करते है, "शिकारपुर में इमामबाड़ा पर हुए हमले में कई मारे गए, कई घायल हुए हैं और कई दहशत में है. तो क्या अब भी हम कहेंगे कि लश्कर-ए-झांगवी से हमें कोई दिक्कत नहीं है? कार्रवाई में देर क्यों हो रही है?"
यह हमला साल 2015 में इमामबाड़ा पर हुआ दूसरा बड़ा हमला है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












