नेपालः सांसदों को 'कुर्सी तोड़ो चैलैंज'

नेपाल संविधान एसेम्बली

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    • Author, बीबीसी ट्रेंडिंग
    • पदनाम, क्या चर्चित है और क्यों?

सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर नेपाल के सैकड़ों लोगों ने हैशटैग #smashchairchallenge के साथ कुर्सी तोड़ने के अभिनय वाली तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट की हैं. तस्वीरों से ऐसा लगता है कि लोग कुर्सी उठाकर बस जमीन पर पटकने ही वाले हैं.

दरअसल ये लोग पिछले हफ़्ते नेपाल की संविधान सभा में सांसदों के बीच हुई मारपीट पर तंज़ कस करे रहे हैं जिसमें दर्जनों कुर्सियाँ और माइक टूट गए थे.

संविधान की मियाद

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संसद में ये घटना तब हुई जब नेपाल के नए संविधान के ड्राफ़्ट की मियाद पूरे होने में बस दो दिन बाक़ी थे. नेपाल में संविधान निर्माण की समय सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है.

संविधान सभा में हुई मारपीट से हैरान लेखक ब्रजेश खनाल ने अपने कुछ दोस्तों के साथ ये हैशटैग शुरू किया.

खनाल को #smashchairchallenge बहुत ही व्यंग्यात्मक और देश में राजनीतिक गतिरोध के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण प्रदर्शन का बेहतर तरीका लगा.

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खनाल ने बीबीसी ट्रेंडिंग को बताया, "हो सकता है कि हम एक कुर्सी उठाएं और उसे तोड़ने की धमकी दें, लेकिन वास्तव में हम हिंसा में विश्वास नहीं करते."

वो कहते हैं, "ये लोगों का ध्यान खींचने के लिए किया गया ताकि दोबारा ऐसी घटना न घटे."

राजनीतिक पार्टियां

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खनाल का कहना है, "यह किसी भी पार्टी के ख़िलाफ़ लड़ाई नहीं है, बल्कि हिंसा के ख़िलाफ़ है. यह संविधान सभा के सदस्यों को शांतिपूर्ण तरीक़े से संविधान के बारे में एक नतीजे पर पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने का तरीक़ा है."

वो कहते हैं, "यह काम लंबे समय से टलता जा रहा है."

आम लोग ट्विटर, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने इसपर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

तीखी आलोचना

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एक ट्वीट में कहा गया है, "#SmashChairChallenge स्वीकार करना एक बड़ा व्यंग्य है और तोड़फोड़ में शामिल संविधान सभा के उन कायर सदस्यों पर तीखी आलोचना है."

जबकि एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, "मैं इसे #SmashChairChallange नहीं बल्कि #SmashPeopleChallange कहूंगा, क्योंकि कुछ लोग रोज़ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे और यहां तक कि रोज़ ही जाम लगा रहे हैं."

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