ट्यूनीशियाः राष्ट्रपति ने नहीं मानी हार

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ट्यूनीशिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति मोंसेफ़ मारज़ुकी ने एक्ज़िट पोल के आधार पर हार मानने से इनकार कर दिया है.
सर्वेक्षणों में उनके प्रतिद्वंद्वी बेजी सईद एसेब्सी को आगे बताया जा रहा है और खुद एसेब्सी भी जीत का दावा कर रहे हैं.
लेकिन मारज़ुकी ने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी का जीत की घोषणा 'अलोकतांत्रिक' है.
88 वर्षीय एसेब्सी अपने समर्थकों के साथ जश्न मना रहे हैं और ट्यूनीशिया वासियों से 'मिलकर काम करने' को कह रहे हैं और स्थायित्व लाने वायदा कर रहे हैं.
आधिकारिक परिणाम सोमवार देर रात तक आ सकते हैं.
'इंतज़ार करें'

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एक एक्ज़िट पोल में एसेब्सी को 55.5% मत मिलते दिखाए गए हैं जबकि अन्य सर्वेक्षणों के परिणाम भी कमोबेश ऐसे ही हैं.
इस पर 67 वर्षीय मारज़ुकी ने अपने समर्थकों से कहा, "जीत का ऐलान अलोकतांत्रिक है. अगर हम एक ऐसा देश बनना चाहते हैं जहां क़ानून की इज़्ज़त की जाती है तो हमें इंतज़ार करना चाहिए."
उन्होंने कहा, "मैं आपसे कहना चाहता हूं कि हम सभी विजयी हुए हैं. ट्यूनीशिया जीता है और आप जीते हैं. आपकी जीत ट्यूनीशिया की जीत है, लोकतंत्र की और मानवाधिकार की."
मारज़ुकी 2011 से ही अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में काम कर रहे हैं. वे रूढ़िवादी हैं और अपेक्षाकृत गरीब समझे जाने वाले दक्षिण ट्यूनीशिया में ख़ासे लोकप्रिय हैं.
2011 में ज़ीन अल आबेदीन बेन अली को अरब क्रांति के बाद राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़ा था.
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