क्यों है अमरीका की चीन से युद्ध की तैयारी?

इमेज स्रोत, AFP
- Author, रुपर्ट विंगफ़ील्ड हेज़
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
आमतौर पर अमरीका चीन के साथ बातचीत को वरीयता देता है, लेकिन अब यह साफ़ है कि अमरीकी नौसेना चीन के साथ संभावित युद्ध की तैयारी कर रही है.
यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन जंगी जहाज के फ़्लाइट डेस्क (विमानों के ठहरने की जगह) पर होने वाली आवाज़ मैंने ज़िंदगी में कभी महसूस नहीं की थी.
मैं जहां खड़ा हूं वहां से कुछ फ़ीट की दूरी पर 11 एफ़/ए-18 हॉर्नेट कतार में लग रहे हैं.
अमरीकी नौसेना भविष्य में चीन से संभावित ख़तरों का सामना करने के लिए नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा ले रही है.
तो अमरीकी नौसेना चीन के साथ युद्ध की तैयारी क्यों कर रही है?
विस्तार से पढ़िए बीबीसी संवाददाता रुपर्ट विंगफ़ील्ड हेज़ की ख़ास रिपोर्ट.
पहले विमान का इंज़न धीरे-धीरे तेज़ होती आवाज़ के साथ गरम होता है. इसके बाद 15 टन वज़नी जेट सफ़ेद भाप छोड़ते हुए डेक से किसी खिलौने की तरह आसमान में उड़ जाता है.

इमेज स्रोत, AP
जब मैं जहाज के डेक पर कहता हूं कि 'अमरीका चीन के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा है' तो मैं अपने आयोजकों नौसेना के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों की घबराहट देख सकता था.
जनसंपर्क वाले कहते हैं कि "अमरीकी नौसेना किसी ख़ास देश के साथ यु्द्ध की तैयारी नहीं कर रही है." लेकिन 200 एअरक्रॉफ़्ट और सारा साजो-सामान केवल आनंद के लिए नहीं है. यह उस अभ्यास की तैयारी है जिसे पेंटागटन 'हवाई समुद्री युद्ध' कहता है.
यह विचार 2009 में आया और यह ख़ासतौर पर <link type="page"><caption> चीन से बढ़ते ख़तरे</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131123_china_air_zone_sk" platform="highweb"/></link> का सामना करने के लिए आया.
भविष्य की चुनौती
नौसेना के एक अधिकारी रियर एडमिरल मार्क मोंटगोमरी कहते हैं, "हम अपने चुने हुए जल क्षेत्र में बिना की हस्तक्षेप के कार्रवाई करने में सक्षम होने की बात कहते हैं."

इमेज स्रोत, EPA
अमरीकी जहाजों को भविष्य में पानी, हवा, साइबर स्पेस और अंतरिक्ष से संभावित ख़तरों की जटिल चुनौती का सामना करना होगा.
वो कहते हैं, "कुछ देशों के पास सेटेलाइट्स को हटाने या सेटेलाइट कम्युनिकेशन को सीमित करने की क्षमता है. इसलिए हमें संचार की ग़ैरमौजूदगी वाले वातावरण में काम करने का अभ्यास करना है."
'शांति का नारा'
पिछले दस सालों में चीन ने 'शांतिपूर्ण प्रगति' का नारा दोहराया है. जो पड़ोसी देशों को यह भरोसा दिलाने के लिए बनाया गया था कि चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति से उनको ख़तरा नहीं है.
लेकिन चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सत्ता में वापसी के बाद से काफ़ी बदलाव हुआ है. चीन अब अपनी समुद्री सीमा के बाहर दावेदारी पेश कर रहा है.

इमेज स्रोत, Reuters
पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले <link type="page"><caption> सेनकाकू (या डिओयू) द्वीप</caption><url href="http://bbclinksmachine.appspot.com/hindi/international/2013/11/131128_south_china_sea_vt.shtml" platform="highweb"/></link> के पास चीनी जहाज सक्रियता से गश्त कर रहे हैं.
मोंटगोमरी कहते हैं दक्षिणी चीन सागर, पूर्वी चीन सागर, फ़िलीपींस सागर क्षेत्र में अमरीकी नौसेना अच्छी भूमिका निभा रही है.
वह एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमरीकी नौसेना पिछले 70 सालों से मौजूदगी और सुरक्षा-स्थायित्व की दृष्टि से अमरीकी नौसेना की भूमिका अहम होने की बात करते हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












