'यूक्रेन में संघर्ष विराम सिर्फ़ नाम का'

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नैटो के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर का कहना है कि यूक्रेन और रूस-समर्थक विद्रोहियों के बीच मौजूदा संघर्ष विराम “महज़ नाम के लिए है”.
दोनों पक्षों के बीच पांच सितंबर को संघर्ष विराम लागू हुआ था. लेकिन तब से कई बार इसका उल्लंघन हुआ है.
यूक्रेन का आरोप है कि रूस अलगाववादियों को हथियार मुहैया करवा रहा है, हालाँकि रूस इससे इनकार करता रहा है.
जनरल फिलिप्स ब्रीडलव के मुताबिक़ हाल के दिनों में हुई गोलीबारी की तुलना संघर्ष विराम से पहले हुई गोलीबारी के दौर से की जा सकती है.
लेकिन साथ ही उन्होंने शुक्रवार को देर रात हुए एक नए समझौते पर 'उम्मीद' भी जताई है.
नया समझौता

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शुक्रवार देर रात मिंस्क में यूक्रेन, रूस, पूर्वी अलगाववादियों और 'ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर सिक्योरिटी एंड को-ऑपरेशन इन यूरोप' के बीच बातचीत के बाद ये समझौता हुआ है.
समझौते में 30 किलोमीटर इलाके में बफ़र ज़ोन यानी संघर्ष रहित क्षेत्र बनाना, पूर्वी यूक्रेन के एक हिस्से के ऊपर सैन्य विमानों की उड़ानों पर प्रतिबंध और दोनों पक्षों की तरफ़ से 'विदेशी लड़ाकों' को हटाना शामिल हैं.
रूस की सीमा से लगे देशों में नैटो की अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की योजना है.
इस वर्ष अप्रैल से पूर्वी क्षेत्र में हो रही लड़ाई में अब तक तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
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