ग़ज़ा के पुनर्निर्माण पर समझौता

ग़ज़ा

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संयुक्त राष्ट्र ने ग़ज़ा पट्टी के पुनर्निर्माण के लिए एक योजना बनाई है. इसमें फ़लस्तीनी प्राधिकरण और निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व के शीर्ष राजनयिक रॉबर्ट सेरी ने कहा कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए हुआ समझौता बिना देर किए लागू करना होगा.

उन्होंने कहा कि <link type="page"><caption> फ़लस्तीन और इसराइल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/gaza_2014_israel_pk.shtml" platform="highweb"/></link> के बीच समझौते के बाद निर्माण कार्य को तुरंत शुरू करने में मदद मिलेगी.

सेरी ने कहा कि पिछले सप्ताह ग़ज़ा दौरे में उन्होंने बुनियादी ढाँचे, अस्पताल और स्कूलों का हैरान कर देने वाला ध्वंस देखा.

उन्होंने कहा कि तक़रीबन 18,000 घर ज़मींदोज़ हो गए हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

सेरी का कहना था कि लगभग एक लाख लोग बेघर हो गए हैं, जबकि 65,000 फ़लस्तीनी संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं.

सुरंगों की मरम्मत

हमास की सुरंग

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उन्होंने कहा कि, हालांकि मिस्र की मध्यस्थता से 16 अगस्त से संघर्ष विराम लागू है लेकिन मूल बिंदुओं पर सहमति न हो पाने से इसके कभी भी टूटने की आशंका है.

संयुक्त राष्ट्र राजनयिक ने कहा कि समझौते के तहत सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हमास की सुरंगों के पुनर्निर्माण में न किए जाने पर सहमति बनी है.

उन्होंने निर्बाध आपूर्ति के लिए इसराइल और ग़ज़ा पट्टी के बीच सीमा चौकी फिर से खोलने की अपील की.

समझौते की पुष्टि

ग़ज़ा पुनर्निर्माण

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इसराइली रक्षा मंत्रालय ने इस समझौते की पुष्टि की है.

पिछली गर्मियों में दोनों पक्षों में हुए संघर्ष के कारण कई इमारतें ध्वस्त हो गई थीं.

आठ जुलाई से 27 अगस्त तक चले इस संघर्ष में ग़ज़ा में 2,100 फ़लस्तीनी मारे गए थे. जबकि इस लड़ाई में 66 इसराइली सैनिक और सात नागरिक मारे गए थे.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इस लड़ाई में मारे गए फ़लस्तीनियों में अधिकांश आम नागरिक थे जबकि इसराइली अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ ने 1,000 'आतंकियों' को मारा.

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