आईएस के ख़िलाफ़ अमरीका-ईरान 'सहयोग'

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ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामनेई ने उत्तरी इराक़ में सुन्नी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ अमरीका के साथ सैन्य ऑपरेशनों में समन्वय कायम करने पर हामी भर दी है.
तेहरान में सूत्रों ने बीबीसी फ़ारसी टीवी को बताया कि ख़ामनेई ने अपने शीर्ष कमांडर को अमरीकी, इराक़ी और कुर्द फ़ौजों के साथ सैन्य अभियान पर ये करने के लिए रज़ामंदी दी है.
शिया बहुसंख्यक ईरान सुन्नी चरमपंथी संगठन आईएस को एक ख़तरा मानता है. ग़ौरतलब है कि आईएस शियाओं को धर्मविरोधी मानता है.
आईएस के ख़िलाफ़
ईरान अब तक अपनी विदेश नीति के तहत इराक़ में अमरीका के दख़ल का विरोध करता रहा है.
हालाँकि पिछले महीने, अमरीका के हवाई हमलों ने अमेरली पर वापस नियंत्रण पाने में ईरान समर्थित शिया लड़ाकों और कुर्द सेनाओं की मदद की थी. वहां लगभग दो महीने आईएस का कब्जा रहा था.

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आईएस ने पिछले कुछ महीनों में उत्तरी और पश्चिमी इराक़ के साथ पूर्वी सीरिया पर अपना नियंत्रण किया है.
ख़ामनेई ने इससे पहले, इराक़ में अमरीका समेत बाहरी दखल का विरोध किया था.
बीबीसी फ़ारसी के संवाददाता कासरा नाजी का कहना है कि अब लगता है कि ईरान ने अमरीका के साथ नज़दीकी कायम करने के कुछ कदम उठाए हैं.
सूत्रों के मुताबिक ख़ामनेई ने कुर्द सेनाओं के कमांडर ग़सीम सोलेमानी के नाम पर सहमति जता दी है.
जनरल सोलेमानी इराक़ी शिया लड़ाकों की मदद से पिछले कुछ महीनों में बग़दाद की सुरक्षा बढ़ाने में सक्रिय रहे हैं.
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