इसराइल और हमास संघर्ष विराम को राज़ी

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इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच ग़ज़ा पट्टी में लंबे समय के संघर्ष विराम पर सहमति हो गई है.

लगभग सात हफ़्तों तक चले इस संघर्ष में 2200 लोग मारे गए. मिस्र ने ये संघर्ष विराम कराने में मदद की है.

हमास की राजनीतिक इकाई के उप प्रमुख मूसा अबू मारज़ूक ने कहा कि ये सहमति 'प्रतिरोध की जीत' दिखाती है.

वहीं इसराइली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि वे उस क्षेत्र में मानवीय सहायता सामग्री और भवन निर्माण सामग्री ले जाने देने के लिए ग़ज़ा की घेरेबंदी में राहत देंगे.

संघर्ष विराम की घोषणा के बाद ग़ज़ा में जश्न के तौर पर हवा में गोलियाँ चलाई गई हैं.

वैसे दक्षिणी इसराइल में रॉकेट की चेतावनी देने वाले सायरन बजते रहे हैं. इसराइली सेना की एक प्रवक्ता का कहना है कि वे ये देख रहे हैं कि कोई रॉकेट उनके इलाक़ में गिरा है या नहीं.

इसराइल ने आठ जुलाई को 'ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज' की शुरुआत की थी. इसका मक़सद इसराइल में रॉकेट हमले रोकना था. बाद में उसने चरमपंथियों की सुरंगें नष्ट करने का काम भी इसमें जोड़ दिया.

हमले जारी

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मंगलवार सुबह इसराइली लड़ाकू विमानों ने ग़ज़ा में दो ऊंची इमारतों पर हमले किए थे.

हमले में बाशा टावर ध्वस्त हो गया जबकि इटैलियन कॉम्प्लेक्स को भारी नुकसान पहुंचा. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इटैलियन कॉम्प्लेक्स पर हमले में 20 ज़ख़्मी हो गए.

वहीं पुलिस का कहना है कि दक्षिणी इसराइल के अश्केलॉन में चरमपंथियों के रॉकेट हमले में 10 लोग ज़ख़्मी हो गए.

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