वक्त की लहरों ने वापस मिलाया मां-बेटी को

इंडोनीशिया

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वर्ष 2004 की सूनामी की लहरों के साथ बह गई इंडोनीशिया की एक लड़की दस साल बाद अपने परिवार से वापस मिल पाई है.

भूकंप के कारण आई इस सूनामी में इंडोनीशिया के आचे इलाके के एक लाख 70,000 से ज़्यादा लोग मारे गए थे. इसके अलावा दूसरे कई देशों के हज़ारों लोग इसका शिकार हुए थे.

14 वर्षीय रौधातुल जान्नाह की मां जमालिया ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, “मैं भगवान की शुक्रगुज़ार हूं जिसने बच्चे से बिछड़ने के 10 साल बाद हमें उससे मिलवा दिया.”

उन्होंने कहा, "मैंने जब उसे देखा तो मेरी दिल की धड़कनें तेज़ हो गईं. मैंने उसे गले से लगा लिया. उसने भी मुझे गले लगा लिया. उसे अपना बांहों में लेने से मुझे बहुत सुकून मिला."

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जमालिया ने बताया कि अपनी बेटी से मिलने के बाद वो अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं.

मिलन

पश्चिमी आचे ज़िले में रहने वाली जान्नाह 26 दिसंबर 2004 की सूनामी में अपने सात साल के भाई के साथ लहरों में बह गई थीं.

42 वर्षीय जमालिया और उनके पति तो सूनामी में बच गए लेकिन उन्होंने अपने बच्चों से मिलने की आस छोड़ दी थी.

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जून में जमालिया के भाई ने जान्नाह की शक्ल से मिलती-जुलती एक लड़की को एक गांव में देखा.

पता करने पर मालूम हुआ कि सूनामी की लहरें इस लड़की को आचे के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत की किसी सुदूर जगह बहाकर ले गई थीं. एक मछुआरे ने उसे बचाया और अपनी मां को दे दिया जिन्होंने जान्नाह को बड़ा किया.

जमालिया ने बताया कि सूनामी में जान्नाह का भाई आरिफ़ड प्रतमा रंगकुटी भी बच गया था लेकिन वो कहां है, ये पता नहीं है.

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