फ़लस्तीनी गुटों का संघर्ष विराम न बढ़ाने का 'फ़ैसला'

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काहिरा में फ़लस्तीनी सूत्रों के अनुसार <link type="page"><caption> हमास</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/07/140723_hamas_tunnel_network_ar.shtml" platform="highweb"/></link> और अन्य फ़लस्तीनी गुटों के प्रतिनिधियों इसराइल के साथ 72 घंटे के संघर्ष विराम को आगे न बढ़ाने का फ़ैसला किया है.
शुक्रवार सुबह ये संघर्ष विराम समाप्त हो गया.
एक महीने से फ़लस्तीनी चरमपंथियों की ओर से रॉकेट हमले और इसराइली सेना की ओर से भीषण बमबारी जारी है.
इस कार्रवाई में लगभग 1900 फ़लस्तीनी और 67 इसराइलियों की जान गई है.
<link type="page"><caption> (बीबीसी विशेष - इसराइल और ग़ज़ा के बीच संघर्ष)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/indepth/gaza_2014_israel_pk.shtml" platform="highweb"/></link>
हमास की मांग
फ़लस्तीनियों का कहना है कि इसराइल ने उनकी मूल मांगे जिनमें ग़ज़ा बंदरगाह को खोलना शामिल है, नहीं मानी हैं.

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संघर्ष विराम के ख़त्म होने से कुछ घंटे पहले इसराइली सेना ने आरोप लगाया था कि ग़ज़ा से उसकी तरफ़ दो रॉकेट दागे गए हैं, जिसके लिए 'आतंकवादी' ज़िम्मेदार हैं.

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उस समय इसराइल का कहना था कि वह संघर्ष विराम बढ़ाने के लिए तैयार है.

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने पहले संघर्ष विराम लागू करने और फिर इसे बढ़ाने की बात कही है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












