गज़ाः मां का मातम और उम्मीद की नन्ही किरण

- Author, इयान पैनेल
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
एक बच्ची जिसने अभी दुनिया में क़दम भी न रखा था कि उसकी मां ने दुनिया छोड़ दी. यह कहानी है गज़ा में इसराइली हमले की. शुक्रवार सुबह जब हवाई हमले में महिला की मौत हुई, तो उसके प्रसव में दो हफ़्ते बाक़ी थे.
ऑपरेशन करके इस बच्ची को डॉक्टरों ने बचा लिया है.
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गज़ा के एक अस्पताल में इस बच्ची का उपचार किया जा रहा है.
चिकित्सकों का कहना है कि नवजात बच्ची को बचाने की भरसक कोशिश की जा रही है और उसके बचने की 50 फ़ीसदी संभावना है.
संयुक्त राष्ट्र परिसर में कुछ अन्य परिवारों के साथ यह महिला रह रही थी. यह इमारत पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है.
हमले जारी
सुबह जब बम गिरा, तो इमारत के मलबे में महिला दब गई और उनकी मृत्यु हो गई.
गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के ज़रिए संचालित एक स्कूल भी इसराइली हवाई हमले का शिकार हुआ था.
आठ जुलाई से ग़ज़ा में शुरू हुए इसराइली सैन्य अभियान में अभी तक 800 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
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