तुर्की: खदान में बचाव कार्य जारी, सैकड़ो अंदर फंसे

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तुर्की के कोयला खदान में हुए धमाके और आगजनी के बाद अंदर फंसे खनिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है.
एक स्थानीय राजनेता मुज़फ़्फ़र यर्ट्टास ने दुर्घटना में मारे जाने वालों की संख्या चार बताई है. उन्होंने पहले कहा था कि 20 लोग मारे गए हैं.
खदान के भीतर पाइप के ज़रिये ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है ताकि मज़दूरों को सांस लेने में दिक्क़त ने पेश आए.
अबतक 20 खनिकों को बाहर निकाला जा चुका है.
अधिकारियों का कहना है कि धमाका बिजली के सिस्टम में कुछ गड़बड़ी की वजह से हुआ.
मुल्क के पश्चिमी इलाके के सोमा शहर के बाहर मौजूद कोयले की एक खदान के भीतर 300 से अधिक मज़दूर खदान में फंसे बताए जा रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि धमाका, एक ख़राब पॉवर यूनिट की वजह से हुआ है जो खदान में लगभग दो किलोमीटर की गहराई पर स्थित है.

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ऐसा अनुमान है कि जब हादसा हुआ तब 580 लोग खदान में थे और उनमें से कई बचने में कामयाब रहे.
एक वरिष्ठ स्थानीय अधिकारी महमत बहत्तीन अटकी ने कहा कि धुएं की वजह से बचाव में दिक्कत आ रही है.
निगरानी
तुर्की के ऊर्जा मंत्री तनेर यिल्दिज़ बचाव अभियान की निगरानी के लिए सोमा जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, "मैं अभी कोई संख्या नहीं देना चाहता. पहले हमें मज़दूरों तक पहुंचना है."
उन्होंने ये भी बताया कि चार बचाव दल अभी खदान में लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि अन्य औद्योगिक देशों की तुलना में तुर्की के कोयला खनन उद्योग का सुरक्षा रिकॉर्ड अच्छा नहीं है.
साल 1992 में तुर्की में एक खनन हादसे में 270 मज़दूरों की मौत हो गई थी.
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