खदान में फंसे मज़दूरों का बाहर आने से इनकार

दक्षिण अफ्रीका खदान दुर्घटना

इमेज स्रोत, AFP

दक्षिण अफ़्रीक़ा की एक ख़ाली पड़ी खदान में ग़ैर क़ानूनी ढंग से खनन के दौरान फंसे मज़दूरों को बाहर निकालने का काम रविवार रात में बाधित रहा.

जोहानेसबर्ग के पास स्थित खदान से अभी तक 11 मज़दूरों को निकाला जा चुका है. अभी तक किसी मज़दूर के हताहत होने की ख़बर नहीं है.

खदान में फंसे दूसरे मज़दूरों ने ये जानने के बाद खदान से निकलने से इनकार कर दिया कि उन्हें बाहर निकलते ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.

अभी ये साफ़ नहीं है कि ज़मीन के अंदर कितने मज़दूर फंसे हुए हैं, हालांकि ख़बरों के मुताबिक़ इनकी संख्या क़रीब 200 हो सकती है.

आपातकालीन सेवाओं के अधिकारियों ने बताया कि मज़दूरों की सहमति के बिना बचाव अभियान की पूरी तरह से शुरू नहीं किया जाएगा.

बचाव की तैयारी

आपातकालीन सेवा ईआर24 के वर्नर वर्माक ने बीबीसी को बताया कि खदान के बाहर निजी सुरक्षा कंपनी के गार्ड तैनात हैं और अगर मज़दूर अपने इरादों को बदलते हैं तो तुरंत उनकी मदद शुरू की जा सकती है.

उन्होंने बताया कि अगर <link type="page"><caption> मज़दूर मदद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/02/140216_south_africa_miners_an.shtml" platform="highweb"/></link> की मांग करेंगे तो उन्हें इनकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया, "अगर वो बाहर निकलने का फ़ैसला करेंगे तो उनकी मदद की जाएगी, लेकिन ये भी सही है कि बाहर आते ही उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा."

दक्षिण अफ्रीका खदान दुर्घटना

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उन्होंने कहा कि रस्सियों और सीढ़ियों की कमी के चलते वो बिना किसी मदद के खदान से बाहर नहीं निकल सकेंगे.

बचाव दल के लोगों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि खदान में कितने मज़दूर फंसे हैं.

नुक़सान

शुरुआत में मज़दूरों से संपर्क करने पर पता चला था कि क़रीब 200 मज़दूर फंसे हुए हैं, हालांकि जब मज़दूरों को पता चला कि बाहर निकलने पर उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है तो उन्होंने बचाव दल के साथ अपना संपर्क तोड़ लिया.

खदान में ऊपर की ओर क़रीब 20 मज़दूर फंसे हैं और फ़िलहाल उन्हें जान का ख़तरा नहीं है. उन्हें पानी और खाना दिया जा रहा है.

आशंका है कि ये खनिक इस खदान में शनिवार सुबह से फंसे हो सकते हैं हालांकि अभी तक किसी के ज़ख़्मी होने की ख़बर नहीं है.

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