कैसे ओझल होकर भी घंटों उड़ता रहा मलेशियाई विमान?

मलेशिया एयरलाइंस का बोइंग 777 विमान

इमेज स्रोत, AP

    • Author, रिचर्ड वेस्टकॉट
    • पदनाम, बीबीसी परिवहन संवाददाता

क़रीब एक सप्ताह पहले लापता हुए मलेशिया एयरलाइंस के विमान के तलाश अभियान में शामिल देशों की संख्या बढ़कर 25 हो चुकी है.

मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक ने कहा है कि उपग्रहों से मिले सबूत बताते हैं कि ये विमान राडार से संपर्क टूटने के बाद करीब सात घंटों तक उड़ान भरता रहा.

आखिर ऐसा कैसे संभव है कि कोई विमान राडार से संपर्क टूटने के बाद घंटों उड़ान भरता रहे और किसी को इसकी भनक भी न लगे. मैंने इस बारे में विशेषज्ञों से बात की.

बोइंग 777 विमान के एक पूर्व पायलट ने मुझे बताया कि हवाई जहाज की निगरानी करने वाली प्रणाली को बंद करना कितना आसान है. ज्यादातर पायलट जानते हैं कि इसे कैसे किया जाता है. हालांकि परंपरागत राडार को विमान की मौजूदगी का एहसास होता रहेगा.

पहले बात ये है कि ट्रांसपोंडर, रेडियो और एसीएआरसी जैसी ज्यादातर प्रणालियों में एक "ऑफ" स्विच होता है.

किसी ने फ़ोन क्यों नहीं किया!

दूसरी बात, प्रत्येक इलेक्ट्रिकल सिस्टम में एक सर्किट ब्रेकर होता है. ये कुछ कुछ घरों में लगने वाले फ्यूज़ बॉक्स की तरह होता है. पायलट के सिर के ऊपर सैकड़ों बटन का एक पैनल होता है. उनमें से खास बटन को दबाकर सिस्टम को बंद किया जा सकता है. ओवरहीटिंग या आग लगने की स्थिति में इलेक्ट्रिकल प्रणाली को अलग करने के लिए ये बटन ज़रूरी होते हैं.

लेकिन अगर आप किसी सिस्टम को बंद करते हैं तो चेतावनी के तौर पर चालक दल के सामने स्क्रीन पर नारंगी रंग की लाइट जलती है. ऐसे में इस बात की संभावना बहुत कम होती है कि एक पायलट के सिस्टम को बंद करने की जानकारी दूसरे को नहीं होगी.

ये भी हो सकता है कि पायलट को उस प्रत्येक प्रणाली के बारे में न पता हो जिसके जरिए विमान उपग्रहों को जानकारी भेजते हैं. इस तरह सबकुछ बंद होने के बावजूद विमान संकेत भेज सकता है.

हवाई जहाज की प्रणाली को हैक किए जाने की आशंका पर भी विचार किया गया, लेकिन मुझे बताया गया कि इसकी आशंका काफी कम है क्योंकि इस विमान में हैकिंग को रोकने के लिए कई तरह के उपाए किए गए थे.

आखिर में, अगर हवाई जहाज जमीन से काफी नीचे उड़ रहा था, और विमान पर सवार लोगों को पता था कि कोई समस्या है, तो किसी ने भी अपने मोबाइल से कॉल करने की कोशिश क्यों नहीं की.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>