पाकिस्तानः चरमपंथियों के ठिकानों पर हवाई हमले

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पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने देश के उत्तर-पश्चिम इलाकों में छिपे हुए चरमपंथियों के संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले दिए हैं. इन हमलों में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं. ये जानकारी स्थानीय अधिकारियों की ओर से आई है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि <link type="page"><caption> चरमपंथियों के ठिकानों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/02/140217_pak_taliban_killimg_sk.shtml" platform="highweb"/></link> पर रात भर चली छापेमारी मुख्यतः उत्तरी वजीरिस्तान के आस-पास के इलाकों और मीर अली शहर पर केंद्रित थी.
पाकिस्तान सरकार की ओर से नामित मध्यस्थों और तालिबान के बीच निर्धारित शांति वार्ता रुक जाने के बाद ये हमले शुरू हुए हैं.
तालिबान के एक गुट के बयान के बाद बातचीत थम गई. इस बयान में कहा गया था कि चरमपंथियों ने उत्तर-पश्चिम कबायली इलाके में 23 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी है.
हवाई हमले
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक एक <link type="page"><caption> पाकिस्तानी अधिकारी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/02/140206_taliban_pak_talks_pp.shtml" platform="highweb"/></link> ने जानकारी दी है, "इन हवाई हमलों का उद्देश्य चरमपंथियों के छिपे हुए ठिकानों को निशाना बनाना था. इन हमलों में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी नष्ट हुए हैं."
कुछ अन्य रिपोर्टों ने खुफिया अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इन हवाई हमलों में कुछ विदेशी लड़ाके भी मारे गए हैं.
मोहमंद कबायली इलाके में स्थित चरमपंथियों ने रविवार को बयान जारी करते हुए कहा था कि उन्होंने साल 2010 से कैदी बनाए गए सैनिकों की हत्या कर दी है.
नवाज शरीफ ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि सैनिकों की मौत से तालिबान के साथ शांति के लिए चल रही पर नकारात्मक असर पड़ेगा.
सैनिकों की कथित हत्या की ख़बर आने के बाद सरकार और तालिबान के बीच अकोरा खतक शहर में होने वाली नियत शांति वार्ता बीच में ही रोक दी गई थी.
पिछले महीने में भी पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा बल पर हो रहे सिलसिलेवार हमलों के जवाब में उत्तरी वजीरिस्तान में छिपे आतंकवादियों के ठिकानों को अपना निशाना बनाया था.
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