चीन: पूर्व सुरक्षा प्रमुख के सहयोगी की जाँच

जी वेनलिन

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चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार देश के पूर्व सुरक्षा प्रमुख झोऊ योंगकांग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के ख़िलाफ़ जाँच चल रही है.

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अनुशासन समिति ने कहा कि हैनान प्रांत की वाइस गवर्नर जी वेनलिन के ख़िलाफ़ अनुशासन और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप की जाँच चल रही है.

इस मामले में और कोई जानकारी नहीं दी गई है.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम छेड़ रखी है.

इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि झोऊ के ख़िलाफ़ जाँच चल रही है.

झोऊ योंगकांग साल 2012 तक कम्युनिस्ट पार्टी की नीति निर्धारक शीर्षस्थ समिति पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य थे. यह संस्था देश के सुरक्षा इंतजामों पर नज़र रखती है.

सहयोगियों पर नज़र

उनके ख़िलाफ किसी तरह की जाँच चल रही है इसके बारे में कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन हाल के दिनों में झोऊ के कई व्यावसायिक और राजनीतिक सहयोगियों पर नज़र रखी जा रही है.

जी वेनलिन ने उस दौरान झोऊ के साथ काम किया था जब वह भूमि संसाधन मंत्री थे. इसके अलावा झोऊ जब सिचुआन प्रांत में पार्टी सेक्रेटरी थे तो उस दौरान भी जी वेनलिन उनके सहयोगी रहे थे.

चीन के पीपुल्स डेली अख़बार के मुताबिक़ जी वेनलिन इसके बाद अप्रैल 2003 से दिसंबर 2008 तक जन सुरक्षा मंत्रालय के जनरल ऑफिस में डिप्टी डायरेक्टर रहे थे. झोऊ साल 2002 से 2007 तक जन सुरक्षा मंत्री थे.

झोऊ योंगकांग

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पिछले कई महीनों से ऐसी अटकलों का बाज़ार गर्म है कि झोऊ एक तरह से घर में नज़रबंद हैं.

उनसे जुड़े रहे कई शीर्ष अधिकारी जाँच का सामना कर रहे हैं जिनमें सिचुआन के अधिकारी ली चुंगचेंग और ली चोंगशी तथा ऊर्जा विभाग के पूर्व प्रमुख जियांग जेमिन शामिल हैं.

झोऊ जेल में बंद चोंगकिंग में पार्टी के पूर्व प्रमुख बो शिलाई के संरक्षक थे.

दुरुपयोग का दोषी

बो को रिश्वतख़ोरी और सत्ता के दुरुपयोग का दोषी क़रार दिया गया था और पिछले सितंबर में उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा दी गई थी.

हालांकि बो के समर्थकों का मानना है कि उन्हें राजनीतिक दुश्मनी का शिकार बनाया गया है.

शी जिनपिंग ने आगाह किया है कि भ्रष्टाचार देश में कम्युनिस्ट पार्टी के पतन के कारण बन सकता है. उन्होंने देश में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम छेड़ रखी है.

बीजिंग में मौजूद बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस का कहना है कि अगर झोऊ को आरोपी बनाया जाता है तो इससे सत्ता में बैठे लोगों में भय पैदा हो सकता है. अमूमन रिटायर होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के ख़िलाफ़ जाँच नहीं होती है.

अभी यह साफ़ नहीं है कि चीन के नेता झोऊ के ख़िलाफ़ मामले को आगे बढाएंगे या नहीं. पेशेंस का कहना है कि झोऊ के ख़िलाफ़ मामला चलने से कई बातें सार्वजनिक हो सकती हैं जिससे पार्टी की छवि को नुक़सान हो सकता है.

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