चीनः एक और बड़ा नेता भ्रष्टाचार के घेरे में

- Author, मार्टिन पेशेंस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, बीजिंग
कई महीनों से अफ़वाहें थीं और अब रिपोर्टें भी आ रही हैं कि चीन के सबसे बड़े नेताओं में से एक के ख़िलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग करने के मामले में जाँच हो रही है.
चोउ योंगखांग चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो की उस नौ सदस्यीय स्थायी समिति के सदस्य रहे हैं जो व्यावहारिक तौर पर चीन को चलाती है. इस तरह वो चीन के एक बड़े राजनेता हैं.
अगर ये ख़बरें सहीं हैं तो वो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के 60 वर्षों के इतिहास में आधिकारिक तौर पर भ्रष्टाचार की जाँच का सामना करने वाले सबसे बड़े नेता होंगे.
<link type="page"><caption> चीन में मंडेला को लेकर पाबंदी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/institutional/2013/12/131211_china_mandela_human_rights_ap.shtml" platform="highweb"/></link>
इस जाँच से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि एक साल पहले सत्ता में आए चीन के वर्तमान नेता शी जिनपिंग की सत्ता पर पकड़ और मजबूत होती जा रही है.
इससे साफ़ है कि शी में इतना आत्मविश्वास है कि वो चीन के शीर्ष नेताओं और सेवानिवृत्त नेताओँ की जाँच न करने के चीन के अघोषित नियम को तोड़ रहे हैं.
राजनीतिक भूकंप
एक विश्लेषक ने मुझे बातचीत के दौरान इस कदम को 'राजनीतिक भूकंप' कहा जो चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभावशाली नेताओं को हिला देगा.
चीन की सरकार ने अभी तक चोउ के ख़िलाफ़ जाँच की पुष्टि या खंडन नहीं किया है जो इस तरह के राजनीतिक रूप से संदवेदनशील मामलों में सामान्य बात है.
सोमवार को 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने कई गुप्त सूत्रों के हवाले से कहा था कि चोऊ को एक तरह से घर में नज़रबंद कर दिया गया है.
पिछले साल सेवानिवृत्त होने से पहले चोउ चीन के सुरक्षा प्रमुख थे. वो कम्युनिस्ट पार्टी के विशाल सुरक्षा तंत्र की देखरेख करते थे. उनके अधीन पुलिस, कचहरी, अदालत और मुख्य ख़ुफिया सेवा थी.
चीन के तेल उद्योग में काम करने के दौरान चोउ ने सत्ता की सीढ़ियाँ चढ़ीं. चीन के अंदर और विदेशों में ऊर्जा की बढ़ती मांग के साथ तेल उद्योग का विस्तार होता गया और इसी के साथ चोउ की ताकत भी बढ़ती गई.

<link type="page"><caption> तियेनएनमेन चौक इतना अहम क्यों है?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131101_tiananmen_square_china_importance_an.shtml" platform="highweb"/></link>
इस साल की शुरुआत में कम्युनिस्ट पार्टी ने चोइंग के पुराने विभाग चीनी नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के सभी वर्तमान और पूर्व प्रमुख अधिकारियों की जाँच शुरू की थी.
ख़बरें हैं कि चोउ के बड़े बेटे चोउ बिन से पूछताछ हो रही है.
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अनाम स्रोत के हवाले से ख़बर दी है चोउ के ख़िलाफ़ मुख्य आरोप इसी पेट्रोलियम कॉरपोरेशन की जाँच के दौरान सामने आए.
हालाँकि अभी तक किसी प्रमुख नेता के ख़िलाफ़ आरोपों की घोषणा नहीं की गई है.
बाघ और मक्खी
राष्ट्रपति शी ने सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करने की बात कही थी और इसके अनुरूप कार्रवाई भी हो रही है.
शी ने कहा था कि सभी 'बाघों और मक्खियों' को पकड़ा जाएगा. जाहिर है चोउ एक बाघ हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के प्रोफ़ेसर डी यंग के अनुसार, "चोउ जैसे शक्तिशाली व्यक्ति के ख़िलाफ़ कार्रवाई से पता चलता है कि सत्ता पर शी की मज़बूत पकड़ है."
लेकिन वो कहते हैं कि इस कदम से कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे बड़े नेताओं के बीच मतभेद पैदा होंगे.
यंग कहते हैं, "इसका मतलब है कि स्थायी समिति के सदस्यों जैसे शक्तिशाली लोग भी जाँच से नहीं बच सकते. पुराने सदस्य डरेंगे कि शी उनकी जाँच भी करा सकते हैं."
<link type="page"><caption> क्या विदेशी पत्रकार चीन से निकाले जाएंगे?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/12/131211_china_foreign_journalist_vr.shtml" platform="highweb"/></link>

चोउ चीनी नेता <link type="page"><caption> बो शिलाई</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/11/131111_china_bo_xilai_vr.shtml" platform="highweb"/></link> के संरक्षक थे. वो को इसी साल भ्रष्टाचर का दोषी ठहराते हुए सज़ा दी गई थी.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार चीन के नए प्रमुख इस बात से नाराज़ थे कि चोउ ने शिलाई के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई का विरोध किया था.
यह स्पष्ट नहीं है कि चोउ पर मुक़दमा चलेगा या उन्हें सजा दी जाएगी. कम्युनिस्ट पार्टी की जाँच में किसी के दोषी पाए जाने के बाद भी ज़रूरी नहीं कि उसके ऊपर आपराधिक मामला चलाया जाए.
रॉयटर्स से हुई बातचीत में एक सूत्र ने कहा है, "चोउ योंगखांग एक दंतविहीन बाघ हैं और एक मरे हुए बाघ के समान हैं."
लेकिन सवाल यह है कि क्या शिलाई, इस बाघ की खाल उतारेंगे?
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












