मंडेला स्मृति सभा: इंटरप्रेटर को 'पागलपन का दौरा'

नेल्सन मंडेला की स्मृति सभा में मौजूद फ़र्ज़ी सांकेतिक भाषा इंटरप्रेटर थामसांका जैंत्जी ने कहा है कि वह अपने आस-पास की सुरक्षा व्यवस्था से डर गए थे और ऐसे हालात में उन्हें स्कित्सोफ्रीनीआ का दौरा पड़ गया था. स्कित्सोफ्रीनीआ एक तरह का मनोरोग है.
इससे पहले बधिर दर्शकों ने थामसांका को देखकर उन्हें एक धोखेबाज बताया था और उन्होंने कहा कि उनके "संकेत बकवास" थे.
हालांकि थामसांका ने इस बात से इनकार किया है कि अमरीकी राष्ट्रपति सहित दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों को उनकी मौजूदगी से कोई खतरा था.
दक्षिण अफ्रीका के बधिर संघ ने बीबीसी को बताया कि इस व्यक्ति के संकेत "मनमाने" थे और उनका "कोई मतलब नहीं था."
गड़बड़ी का एहसास
थामसांका ने कहा, "मुझे गड़बड़ी का एहसास उस समय हुआ जब मैंने देखा की आसमान से देवदूत मंच पर आ रहे हैं और मुझे पता चल गया कि मेरी हालत ठीक नहीं है."
उन्होंने कहा "जब दौरा पड़ता है तो आप जान नहीं सकते कि क्या होगा." थामसांका ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है और आमतौर पर वह इन हालात में ख़ुद पर नियंत्रण कर लेते हैं.
थामसांका मंच पर मंडेला के दोस्तों और परिजनों की तरह बर्ताव कर रहे थे और इस दौरान दुनिया के प्रमुख नेता पूर्व <link type="page"><caption> अफ्रीकी राष्ट्रपति</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/12/131208_mandela_family_statement_ml.shtml" platform="highweb"/></link> को अपनी श्रद्धांजलि दे रहे थे.

इस मामले की जांच अभी जारी है. दक्षिण अफ्रीका के सुरक्षा विशेषज्ञ निक मर्फी ने इस घटना को शर्मनाक बताया है.
सरकार ने बुधवार को बताया कि वो अभी इन आरोपों के तह तक नहीं पहुंच सकी है. लेकिन बयान में कहा गया है कि सरकार, "लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि हम अक्षम लोगों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करने के लिए दृढ़संकल्प हैं."
सांसद का ट्वीट
मंडेला के स्मृति समारोह का प्रसारण मंगलवार को कई प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनलों ने किया.
थामसांका सूट-बूट में थे और उनके गले में पास भी था. वह <link type="page"><caption> बराक ओबामा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/12/131210_mandela_memorial_service_sr.shtml" platform="highweb"/></link> और मंडेला के प्रपौत्र जैसे प्रमुख वक्ताओं के ठीक बगल में खड़े थे और उनके विचारों को संकेतिक भाषा में अनुदित कर रहे थे.
प्रसारण के दौरान दक्षिण अफ्रीका की पहली बधिर महिला सांसद विल्मा न्यूहाड्ट ने ट्वीट किया, "स्टेज पर एएनसी के उपाध्यक्ष के साथ खड़े इंटरप्रेटर के संकेत एकदम बकवास हैं. वह संकेतों की भाषा नहीं जानता है. कृपया उसे हटाइए."
उन्होंने बीबीसी को बताया कि इस व्यक्ति ने दक्षिण अफ्रीकी सांकेतिक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने यह भी बताया कि यह व्यक्ति या तो एएनसी मुख्यालय का कर्मचारी था या एएनसी ने उसे नियुक्त किया था.
अनजान व्यक्ति

दक्षिण अफ्रीका के बधिर संघ के सांकेतिक भाषा के प्रशिक्षक फ्रांसिस्को डेसल ने कहा कि बधिर समुदाय या दूसरे इंटरप्रेटरों में कोई भी इस व्यक्ति को नहीं जानता है.
डेसल ने बीबीसी के न्यूज़डे कार्यक्रम में बताया कि दक्षिण अफ्रीका की संकेत भाषा की संरचना किसी भी दूसरी बोली जाने वाली भाषा से अलग है.
विश्व बधिर संघ के ब्राम जार्डन ने बीबीसी को बताया कि यह व्यक्ति अपने अलग संकेत तैयार कर रहा था.
उन्होंने बताया कि <link type="page"><caption> दक्षिण अफ्रीका</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/12/131211_mandela_funeral_biggest_an.shtml" platform="highweb"/></link> में प्रत्येक 10,000 बहरे लोगों पर एक इंटरप्रेटर है, जो सांकेतिक भाषा में अपनी बात कह सकता है.
बीबीसी की शोधकर्ता एरिका जोंस ने बताया कि इस व्यक्ति के संकेतों का व्याकरण से कोई मतलब नहीं था और एक ही तरह के संकेतों को बार-बार दोहरा रहा था, जबकि साफ़ था कि वक्ता अपने शब्दों को नहीं दोहरा रहे थे. एरिका जोंस संकेत भाषा की जानकार हैं.
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