लीबिया के प्रधानमंत्री 'रिहा'

लीबिया के प्रधानमंत्री अली ज़ेदान को रिहा कर दिया गया है, लीबिया सरकार ने ये जानकारी दी है.
अली ज़ेदान को कुछ घंटे पहले कुछ बंदूकधारी उनके होटल से लेकर गए थे.
कभी बागी रहे एक समूह रिवोल्यूशनरीज़ ऑपरेशंस रूम ने ज़ेदान को कब्ज़े में लिया था, इस समूह का कहना था कि वो प्रॉसिक्यूटर जनरल के आदेश पर काम कर रही है.
हालांकि न्याय मंत्रालय ने इससे इनकार किया था.
ये समूह पिछले शनिवार को लीबिया में अमरीका की कमांडो कार्रवाई से नाराज़ था. अमरीका ने अल क़ायदा के संदिग्ध चरमपंथी अनस अल लिबी को पकड़ा था.
कई लोगों ने अमरीकी कार्रवाई को लीबिया की संप्रभुता के उल्लंघन के तौर पर देखा था.
'कोई वारंट नहीं'

लीबिया के विदेश मंत्री मोहम्मद अब्दल अज़ीज़ ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि ज़ेदान को रिहा कर दिया गया है लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि "हमें उनकी रिहाई के हालात के बारे में कोई जानकारी नहीं है."
लीबिया की सरकारी समाचार एजेंसी लाना ने एक सरकारी प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि प्रधानमंत्री ज़ेदान रिहा हो चुके हैं और अपने दफ़्तर जा रहे हैं.
अली ज़ेदान को कोरिंथिया होटल से 100 से ज़्यादा हथियारबंद लोगों ने अगवा किया था.
रिवोल्यूशनरीज़ ऑपरेशंस रूम लीबिया के कई हथियारबंद समूहों में से एक है, ये समूह नाम मात्र के लिए सरकारी मंत्रालयों से जु़ड़े होते हैं लेकिन अक्सर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन्हें
अक्सर पुलिस और सेना से ऊपर माना जाता है.
लीबिया सरकार इन हथियारबंद समूहों पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही है, इनका लीबिया के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> क्लिक करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












