लीबिया के प्रधानमंत्री को बंदूक़धारी ले गए

लीबिया की सरकारी वेबसाइट के अनुसार देश के प्रधानमंत्री अली ज़ेदान को कुछ अज्ञात बंदूक़धारी अपने साथ ले गए हैं. आशंका है कि उन्हें अग़वा कर लिया गया है.
हालांकि सरकारी वेबसाइट पर बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई है.
संयुक्त अरब अमीरात के एक टीवी चैनल ने लीबिया के सुरक्षाकर्मियों के हवाले से ख़बर दी है कि बंदूक़धारियों ने उन्हें राजधानी त्रिपोली के एक होटल से अग़वा कर लिया. प्रधानमंत्री उसी होटल में रह रहे थे.
अल-अरेबिया टीवी चैनल की तस्वीरों में दिखाया गया है कि प्रधानमंत्री ज़ेदान को कुछ बंदूकधारी लेकर जा रहे हैं.
सरकार के बयान में होटल का नाम नहीं बताया गया है लेकिन कोरिंथिया होटल में एक महिला ने कहा कि ये घटना वहीं हुई. महिला ने कहा कि इस पूरी घटना में किसी की मौत नहीं हुई.
चरमपंथियों का बदला?

प्रधानमंत्री के मीडिया कार्यालय ने बीबीसी को बताया कि चरमपंथियों ने प्रधानमंत्री को राजधानी त्रिपोली में उनके घर से अगवा कर लिया.
सरकारी वेबसाइट के मुताबिक विद्रोही माने जाने वाले ये व्यक्ति प्रधानमंत्री को किसी अनजान स्थान पर ले गए हैं.
खबरों के मुताबिक अली ज़ेदान को उग्रवादियों के एंटी क्राइम विभाग ने गिरफ्तार किया है.
मंगलवार को अली ज़ेदान ने पश्चिमी देशों से उग्रवादियों के ख़िलाफ़ मदद करने का आह्वान किया था.
एक टीवी कार्य़क्रम में उन्होंने कहा था कि लीबिया को हथियारों का निर्यात करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
मुअम्मर गद्दाफी के ख़िलाफ़ दो साल तक चली क्रांति के बाद से लीबिया की सरकार देश के कुछ हिस्सों पर काबिज़ कबाइली लड़ाकों और इस्लामिक चरमपंथियों के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रही है.
सोमवार को लीबिया ने त्रिपोली में गिरफ़्तार किये गये संदिग्ध अल कायदा नेता अनस-अल-लीबी को पकड़ने के संबंध में अमरीकी राजदूत से स्पष्टीकरण मांगा था.
साल 1998 में केन्या और तंजानिया में अमरीकी दूतावास पर हुये हमलों के लिये लीबी वांछित थे. शनिवार की सुबह अमरीका की कमांडो टीम ने छापा मारकर उन्हें पकड़ा था.

त्रिपोली में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लीबिया के प्रधानमंत्री के अपहरण को लीबी की गिरफ्तारी से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगा.
'भय'
पिछले महीने ज़ेदान ने अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान ब्रिटेन से, लीबिया से सीरिया में हो रही हथियारों की बढ़ती तस्करी के भय के चलते हथियारों को खत्म करने में सहयोग की अपील की थी.
अप्रैल में प्रधानमंत्री ने लीबिया की जनता से उन लोगों के ख़िलाफ़ सरकार को समर्थन देने का आग्रह किया था 'जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं'.
उन्होंने आंतरिक मंत्रालय और राष्ट्रीय टीवी के मुख्यालय के ख़िलाफ़ अलगाववादी समूहों के हमलों और "तोड़फोड़ के कृत्यों" की शिकायत की थी.
'क्राइम फाइटिंग' यूनिट के प्रवक्ता अब्दल-हाकिम अल बलाजी ने लीबिया के स्थानीय टीवी स्टेशन को यह बयान दिया है कि, ''प्रधानमंत्री हमारे साथ हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं. उन्हें हमारी कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ़्तार किया गया है.''
उनका दावा है कि प्रधानमंत्री पर आरोप लगे हैं और हमारे पास उनके ख़िलाफ़ वारंट थे. अल बाजी ने प्रधानमंत्री पर लगे आरोपों को बताने से इनकार कर दिया.
इस बीच लीबिया के न्याय मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कोई भी वारंट जारी नहीं किये गये थे.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लिबिया में कई हथियारबंद समूह काम कर रहे हैं जो यूं तो सरकारी मंत्रालयों के साथ जुड़े हुए हैं लेकिन अकसर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं.
अब लीबिया की कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है जिसकी अध्यक्षता उपप्रधानमंत्री करेंगे.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हैग ने इस घटना की निंदा की है और ज़ेदान को तुरंत रिहा करने की मांग की है.
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