सोमालिया में अल-शबाब के गढ़ पर हमला

दक्षिण सोमालिया के शहर बारावी में मौजूद लड़ाकुओं के एक गढ़ में अज्ञात विदेशी सेना ने शुक्रवार रात में हमला किया.
ऐसी ख़बर है कि इस हमले में सोमालिया के अल-शबाब इस्लामी समूह या अल-क़ायदा के वरिष्ठ लड़ाकुओं को निशाना बनाया गया.
इस हमले में अल-शबाब समूह के एक सदस्य मारे गए. इस हमले के लिए एक हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल भी किया गया था.
अल-शबाब ने पिछले महीने कीनिया के शॉपिंग सेंटर पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली थी जिसमें कम से कम 67 लोग मारे गए थे.
की राजधानी नैरोबी के वेस्टगेट मॉल में 21 सितंबर को चरमपंथी घुस आए थे. चरमपंथियों की इस कार्रवाई से पूरी दुनिया में रोष उमड़ पड़ा था.
अमरीका और फ्रांस की विशेष सेना ने हाल के वर्षों में सोमालिया के तटीय क्षेत्रों को निशाना बनाया है.
हालांकि सोमालिया में पश्चिमी देशों द्वारा समर्थित सेना ने शनिवार को बारावी में कथित हमला किया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई तात्कालिक बयान नहीं जारी किया गया है.
पश्चिम से आए थे लोग
लड़ाकुओं द्वारा नियंत्रित यह शहर राजधानी मोगादिशु से क़रीब 180 किलोमीटर की दूरी पर है. यहां के निवासियों के हवाले से बताया गया है कि तड़के गोलीबारी की आवाज़ से उनकी नींद खुली.
प्रत्यक्षदर्शियों ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि एक हेलिकॉप्टर से कमांडो उतरे और उन्होंने एक ऐसे घर में घुसने की कोशिश की जो अल-शबाब के एक वरिष्ठ सदस्य का घर बताया जाता है.
एक स्थानीय निवासी ने बताया, "मैं हेलिकॉप्टर की आवाज़ सुनकर जगा. उसके कुछ मिनट बाद ही गोली चलने की आवाज़ सुनाई दी और ऐसा 10-15 मिनट तक चलता रहा."
उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि वहां आख़िरकार क्या हुआ था. लेकिन यह एक संगठित हमला था जिसमें अल-शबाब के सदस्यों के घर को निशाना बनाया गया था."
हालांकि अल-शबाब के किसी भी सदस्य के नाम का ख़ुलासा नहीं किया गया है.
अल-शबाब के स्थानीय कमांडर मोहम्मद अबु सुलैमान ने एएफ़पी से कहा कि उनकी यह कार्रवाई असफल रही.

लड़ाकू अभियानों के लिए अल-शबाब के प्रवक्ता बताए जाने वाले शेख़ अब्दियासिस अबु मुसाब ने रॉयटर्स को बताया, "पश्चिमी देशों के लोग बोट में सवार थे और उन्होंने ही बारावी में समुद्र के किनारे हमला किया."
उन्होंने कहा कि इस हमले में एक लड़ाकू की मौत हो गई है. इस ख़बर की पुष्टि जोहार नाम की सोमालिया की एक समाचार वेबसाइट ने भी की है.
प्रवक्ता ने कहा कि उनके लड़ाके, विदेशी सैनिकों को पकड़ने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे लेकिन वे असफल रहे.
ख़ास लोगों की तलाश
जोहार ने स्थानीय निवासियों का हवाला देते हुए कहा कि जिस घर को निशाना बनाया गया था उसमें संभवतः अल-शबाब के वरिष्ठ सदस्य थे.
हालांकि सोमालिया के ख़ुफ़िया अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि शनिवार की कार्रवाई में हाई-प्रोफ़ाइल विदेशी निशाने पर थे.
पश्चिम की समुद्री सेना को सोमालिया के समुद्री क्षेत्र पर निगरानी की ज़िम्मेदारी दी गई है जो दो दशकों से विवादास्पद क्षेत्र बना हुआ है.
2009 में अमरीका के नेवी कमांडो ने हमला कर अल क़ायदा के एक सदस्य को मार डाला था. अमरीका ने सोमालिया में ड्रोन का इस्तेमाल भी किया है ताकि अल-शबाब के ख़िलाफ़ सरकार और अफ़्रीकी यूनियन की सेना की मदद की जा सके.
फ्रांस ने जनवरी में फ्रांसीसी ख़ुफ़िया एजेंट को भी मुक्त कराने के लिए एक अभियान शुरू किया था लेकिन यह असफल रहा.
इसमें दो फ्रांसीसी कमांडो मारे गए और बाद में अल-शबाब ने यह बयान जारी किया कि उसने उस एजेंट को मार दिया.
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