नाइजीरिया: 'कॉलेज में सोते हुए छात्रों पर हमला, 50 लोगों की मौत'

नाइजीरिया में सेना ने कहा है कि इस्लामिक गुट बोको हराम के संदिग्ध सदस्यों ने एक कॉलेज की डॉरमेट्री में सो रहे छात्रों पर हमला किया है.
एक स्थानीय नेता ने बताया है कि 50 लोगों की मौत हुई है और दो वैन में शवों को अस्पताल ले जाया गया है. बताया गया है कि करीब एक हज़ार छात्र कैंपस से भाग गए.
रिपोर्टों के मुताबिक चरमपंथियों ने आधी रात को घुसकर सो रहे छात्रों पर गोलियाँ बरसाईं. योब प्रांत में सेना प्रवक्ता लजॉरस अली ने एएफपी को बताया कि बंदूकधारियों ने कक्षाओं को भी आग लगाई है.
बोको हराम गुट नाइजीरिया को इस्लामिक देश बनाना चाहता है.
उत्तर-पूर्वी नाइजीरिया में आपात स्थिति लागू है. बोको हराम ग्रुप नाइजीरिया की सरकार का तख्ता पलट कर इस्लामिक राज्य बनाना चाहता है और पहले भी स्कूलों पर हमला कर चुका है.
<link type="page"><caption> नाइजीरिया में कट्टरपंथ का बढ़ता दबदबा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/04/120426_bokoharam_nigeria_psa.shtml" platform="highweb"/></link>
बोको हराम के हमले
जून में भी बोको हराम ने इस इलाक़े के दो स्कूलों पर हमला किया था.
इस स्कूली हमले में कम से कम नौ बच्चों की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य स्कूल पर हुए हमले में 13 छात्रों और शिक्षकों की जान चली गई थी.
वहीं जुलाई में मामुडो कस्बे में इस्लामिक चरमपंथियों ने बंदूकों और विस्फ़ोटकों के साथ डॉरमेट्री पर हमला किया था जिसमें 42 लोग मारे गए थे और ज़्यादातर छात्र थे.
बोको हराम स्कूलों को पश्चिमी संस्कृति का प्रतीक मानता है. बोको हराम का अनुवाद ही यही है कि पश्चिमी शिक्षा हराम है. बोको हराम का नेतृत्व अबुबकर शेकाउ कर रहे हैं. नाइजीरियाई सेना ने अगस्त में कहा था कि वो शायद एक शूट आउट में मारे गए हैं.
मई में राष्ट्रपति गुडलक जॉनथन ने बोको हराम के खिलाफ अभियान का ऐलान किया था. उत्तर-पूर्वी इलाक़े में कई चरमपंथी अपना बेस छोड़कर चले गए थे और शुरुआती दौर में हिंसा में कमी आई थी लेकिन जल्द ही बदले की कार्रवाई शुरु हो गई.
लेकिन पिछले हफ्ते रिलीज़ हुई वीडियो में उन्हें ज़िंदा दिखाया गया है
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