अफ़ग़ानिस्तान: भारतीय लेखिका की हत्या के लिए दो गिरफ़्तार

भारतीय लेखिका सुष्मिता बैनर्जी की हत्या के विरोध में कोलकाता में प्रदर्शन
इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय लेखिका सुष्मिता बैनर्जी की हत्या के विरोध में भारत में प्रदर्शन हुए.

अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय लेखिका सुष्मिता बैनर्जी की हत्या के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

तालिबान से बच निकलने की अपनी चर्चित कहानी को डायरी की शक्ल में लिखने वाली सुष्मिता बैनर्जी की संदिग्ध चरमपंथियों ने पिछले गुरुवार हत्या कर दी थी.

पक्तिका प्रांत के पुलिस प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोग कुख्यात हक़्क़ानी चरमपंथी नेटवर्क के सदस्य थे.

1995 में नाटकीय ढंग से तालिबान की पकड़ से भाग निकलने का सुष्मिता का जीवन-वृत्तांत भारत में काफ़ी लोकप्रिय हुआ था जिस पर 2003 में एक फ़िल्म भी बनी थी.

सुष्मिता के पति एक अफ़ग़ान व्यवसायी हैं और वे हाल ही में अपने पति के साथ रहने के लिए वापस अफ़ग़ानिस्तान आई थीं.

गिरफ़्तारी

पक्तिका के पुलिस प्रमुख दवलात ख़ान ज़द्रान ने बीबीसी के जाफ़र हांड को बताया कि पुलिस ने खुफ़िया जानकारी के आधार पर दो लोगों को गिरफ़्तार किया था और उनके पास से दो कलाश्निकोव, एक मोटरसाइकिल और विस्फोटक सामग्री मिली है.

पुलिस प्रमुख ने ये भी बताया कि दोंनो ही अफ़ग़ान हैं और वे सुष्मिता बैनर्जी के गांव के ही रहने वाले थे. ज़द्रान के मुताबिक दोंनो लोगों ने हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली है.

भारतीय लेखिका सुष्मिता बैनर्जी
इमेज कैप्शन, सुष्मिता बैनर्जी का लिखा जीवन-वृत्तांत ‘अ क़ाबुलीवालाज़ बैंगॉली वाइफ़’ भारत में काफ़ी चर्चित हुआ था.

इन दोंनो पर बारूदी सुरंगें बिछाने का भी आरोप है. इन सुरंगों के ठिकाने पर वो टीम थी जो उस इलाके में हत्या की जांच करने गई थी.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को पिछले सप्ताह बताया था कि सुष्मिता एक स्वास्थ्यकर्मी के तौर पर भी कर रही थीं और स्थानीय महिलाओं की ज़िंदगी को कैमरे में क़ैद कर रही थीं.

तालिबान का इनकार

पुलिस ने सुष्मिता बैनर्जी की हत्या के लिए शुरुआत में तालिबान चरमपंथियों को ज़िम्मेदार बताया था लेकिन तालिबान ने इस आरोप से इनकार किया था.

सुष्मिता बैनर्जी की अफ़ग़ान व्यवसायी जांबाज़ ख़ान से कोलकाता में मुलाक़ात हुई थी और उनसे शादी करने के बाद वे 1989 में अफ़ग़ानिस्तान गई थीं.

49 वर्षीय सुष्मिता बैनर्जी का लिखा जीवन-वृत्तांत ‘अ क़ाबुलीवालाज़ बैंगॉली वाइफ़’ भारत में काफ़ी चर्चित हुआ था. इसमें उन्होंने अपने पति के साथ अफ़ग़ानिस्तान में ज़िंदगी और तालिबान के सत्ता में आने के बाद वहां से भाग निकलने की यादें दर्ज की थीं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>