सीरिया में कार्रवाई के लिए भारी समर्थन: केरी

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है कि सीरिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के लिए कई देश उनके साथ हैं. इसके लिए अमरीका को काफ़ी समर्थन मिल रहा है.
पेरिस में मौजूद जॉन केरी के मुताबिक़ दुनिया ‘नरसंहार की मूकदर्शक’ नहीं बनी रह सकती. सीरिया पर अपने नागरिकों के ख़िलाफ़ रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप है.
अमरीका ने 21 अगस्त को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सेनाओं पर 1429 लोगों की गैस हमले में हत्या करने का आरोप लगाया था.
इस बीच यूरोपियन यूनियन के विदेश मंत्रियों ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट आए बगैर कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.
फ़्रांसीसी राष्ट्रपति फ़्रांसुआ ओलांद सीरिया पर अमरीकी सैन्य अभियान के अहम समर्थक माने जाते हैं. उन्होंने आशा जताई है कि गैस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की शुरुआती जांच रिपोर्ट अगले हफ़्ते तक आ जाएगी.
ओबामा के सामने चुनौती
जी-20 देशों की बैठक में रूस सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समझौते पर एकमत नहीं हो सका. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है जिन्होंने विद्रोहियों पर गैस हमले का आरोप लगाया है.
ओबामा इससे पहले कह चुके हैं कि कोई भी सैन्य कार्रवाई ‘समय और विस्तार के लिहाज़ से सीमित’ होगी और उसका मक़सद सीरियाई सरकार को फिर अपने नागरिकों का क़त्लेआम रोकने को मजबूर करना और इस तरह की क्षमता से विहीन करना होगा.
संयुक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक़ सीरिया में ढाई साल से जारी हिंसक संघर्ष में अब तक क़रीब एक लाख लोग मारे जा चुके हैं.
‘म्यूनिख क्षण’
केरी चार दिन के यूरोप दौरे पर हैं. उन्होंने फ़्रांस के विदेशमंत्री लॉरेन फ़ेबियस से पेरिस में मुलाक़ात की जहां दोनों ने सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अपने फ़ैसले का समर्थन किया.
पिछले हफ़्ते बोले गए अपने शब्दों को दोहराते हुए जॉन केरी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ‘म्यूनिख क्षण’ से गुज़र रहा है. उनका इशारा तुष्टिकरण की नीति को लेकर था जो 1930 के दशक में नाज़ी जर्मनी को रोकने में नाकामयाब रही थी.
जॉन केरी ने कहा, ‘हम अमरीका में इस बात को समझते हैं और हमारे फ़्रांसीसी नेता भी जानते हैं कि यह वक़्त नरसंहार का मूकदर्शक बने रहने का नहीं है. यह वक़्त एक सीमित, सुनिश्चित लेकिन साफ़ और प्रभावी जवाब देने का है, ताकि ज़ुल्म के लिए ज़िम्मेदार बशर असद जैसे तानाशाहों को रोका जा सके.’
जॉन केरी ने कहा कि उनके समर्थन में आए देशों की तादाद दो अंकों में है.
यूएन रिपोर्ट का इंतज़ार
इससे पहले लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में जॉन केरी ने सीरिया के मामले में यूरोपियन यूनियन के विदेशमंत्रियों के प्रस्ताव का स्वागत किया. ये विदेशमंत्री विलनियस में बैठक कर रहे हैं.
यूरोपियन यूनियन के मंत्रियों ने कहा है कि मौजूद ख़ुफ़िया जानकारी से पता चलता है कि ‘इस बात के काफ़ी तगड़े सुबूत हैं कि सीरियाई सरकार हमले के लिए ज़िम्मेदार है’ और इसके लिए ‘साफ़ और मज़बूत जवाब’ दिया जाना चाहिए.
मगर मंत्रियों ने फ़्रांसीसी राष्ट्रपति की इस मांग का समर्थन किया कि किसी भी कार्रवाई से पहले संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का इंतज़ार करना चाहिए.
केरी लंदन जाने से पहले पेरिस में अरब लीग के प्रतिनिधियों से भी मिलने वाले हैं ताकि वो इंग्लैंड के विदेश सचिन विलियम हेग से मुलाक़ात कर सकें.
रूस और चीन दोनों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के हस्तक्षेप के बिना सीरिया के ख़िलाफ़ कोई भी कार्रवाई अवैध मानी जाएगी.
उधर अमरीका में राष्ट्रपति ओबामा के सामने इस मामले को लेकर कांग्रेस को मनाने की चुनौती मौजूद है. जहां सीनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स सीरिया के मुद्दे पर अगले हफ़्ते मतदान कर सकते हैं.
बीबीसी और एबीसी न्यूज़ की ओर से हुए एक मतदान से पता चलता है कि कांग्रेस के एक तिहाई सदस्य सीरिया के ख़िलाफ़ किसी सैन्य कार्रवाई को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. जिन्होंने इस बारे में कोई फ़ैसला किया भी है उनमें से ज़्यादातर का कहना है कि वो राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ मतदान करेंगे.
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