'रासायनिक हमले' पर आंखें नहीं मूंदेंगे: ओबामा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीका सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर ‘आंखें नहीं मूदे रखेगा.’
रूस के शहर सेंट पीटर्सबर्ग शहर में हुए जी20 सम्मेलन से लौटने के बाद ओबामा ने ये बात कही. जी20 की बैठक में सीरिया में कार्रवाई के मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई.
रूस ने इस बैठक में फिर अपने इस रुख को दोहाराया कि सीरिया में हस्तक्षेप से पूरा क्षेत्र अस्थिर होगा.
रूस और चीन पहले ही कह चुके हैं लेकिन सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के बिना कार्रवाई गैर कानूनी होगी.
'रासायनिक हमला'
ओबामा ने अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन के दौरान सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की पैरवी की.
लेकिन इस बारे में उन्हें अभी अमरीकी कांग्रेस की मंजूरी हासिल करनी है. वो मंगलवार को व्हाइस हाउस से इस कार्रवाई पर लोगों का समर्थन जुटाने की भी कोशिश करेंगे.
ओबामा ने कहा कि सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार ने 21 अगस्त को जहरीली गैस का हमला कर 1,429 लोगों की जान ले ली.
वहीं सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद और उनके समर्थक माने जाने वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस रासायनिक हमले के लिए सीरियाई विद्रोहियों को जिम्मेदार बताते हैं.
'सीमित कार्रवाई ही'

रेडियो और इंटरनेट पर अपने संबोधन में ओबामा ने कहा कि वो समझते हैं कि अमरीकी लोग एक दशक तक चली लड़ाई से थके हुए हैं लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि सीरिया में हस्तक्षेप इराक या अफगानिस्तान युद्ध जैसा नही होगी.
ओबामा ने कहा, “लेकिन हम अमरीका हैं. जिस तरह की तस्वीरें हमने सीरिया के बारे में देखी हैं, हम उन पर आंखें नहीं मूंद सकते हैं.”
ओबामा ने कहा, “अगर इस हमले के बाद कार्रवाई नहीं की गई तो फिर से रासायनिक हथियारों के हमले का जोखिम बढ़ेगा और वो आतंकवादियों के हाथो में पड़ जाएंगे जो उनका इस्तेमाल हमारे खिलाफ भी कर सकते हैं. इससे अन्य देशों को भी गलत संदेश जाएगा कि अगर वो इन हथियारों का इस्तेमाल करेंगे तो उनका कुछ नहीं बिकड़ेगा.”
ओबामा ने फिर साफ किया कि सीरिया में जो भी कार्रवाई होगी, वो सीमित ही होगी और इसका मकसद सीरिया को सरकार को अपने ही लोगों पर रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने से रोकना होगा.
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