'सीरिया पर हमले से क्या चाहते हैं ओबामा?'

    • Author, मार्क मार्डेल
    • पदनाम, बीबीसी उत्तरी अमरीका संपादक

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पहली बार इस बारे में बात की है कि सीरिया पर हमला कर अमरीका क्या हासिल करना चाहता है?

पीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में ओबामा ने कहा, "अगर इस तरह की कोई कारवाई होती है तो यह सीरियाई शासन के लिए कड़ा संकेत होगा."

वो आगे कहते हैं कि ये एक बहुत 'सीमित, ज़रूरत के मुताबिक कार्रवाई' होगी ''न कि इराक की तरह, जिसके बारे में बहुत लोग चिंतित हैं लेकिन अगर हम ये साफ़ और निर्णायक लेकिन सीमित तौर पर कह रहे हैं तो हम एक साफ़ संदेश भेजेंगे कि ये बंद करो."

ओबामा प्रशासन ने बार-बार ये अंतर बताया है - न सत्ता में परिवर्तन और न ही सीरिया के गृह युद्ध में दखल बल्कि उन्हें एक सबक सिखाना.

कुछ लोगों की चिंता है कि इन दोनों के बीच में एक व्यवहारिक रेखा खींचना असंभव है.

अमरीका सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा कर रहा है.
इमेज कैप्शन, अमरीका सीरिया पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा कर रहा है.

'हमलों से क्या चाहिए?'

अमरीकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव के स्पीकर जॉन बोहनर ने राष्ट्रपति ओबामा को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें कई सवाल हैं.

बोहनर ने ओबामा से पूछा है:

  • ओबामा प्रशासन हमले से किस तरह के नतीजे चाहता है?
  • संभावित सैन्य हमले का असर क्या होगा?
  • यदि संभावित हमले का कोई परिणाम नहीं निकलता है तो क्या आगे और हमले होंगे?

अमरीकी संसद के 100 से भी ज़्यादा सदस्यों ने भी राष्ट्रपति ओबामा को चिट्ठी लिखी है. इन सांसदों ने मांग की है कि ओबामा कार्रवाई से पहले संसद की मंज़ूरी लें.

हालांकि जॉन बोहनर संसद की मंज़ूरी की बात नहीं करते लेकिन वो ये ज़रूर साफ कर रहे हैं कि कई सवालों के जवाबों की ज़रूरत है.

ओबामा के सामने एक और समस्या है.

डेविड कैमरन
इमेज कैप्शन, अमरीका के लिए ब्रिटेन की मदद के बिना आगे बढ़ना थोड़ा मुश्किल होगा.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को कार्रवाई से पहले सांसदों को एक दूसरे मतदान की पेशकश करने और संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों की रिपोर्ट के लिए इंतज़ार करने को मजबूर होना पड़ा है.

'ब्रिटेन का साथ ज़रूरी'

हालांकि अमरीकी प्रशासन के अधिकारी ब्रिटेन की आलोचना न करने में सावधानी बरत रहे हैं वो संयुक्त राष्ट्र के ज़रिए कार्रवाई करने के पक्ष में नहीं हैं.

उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों की रिपोर्ट "बेकार" होगी.

वो ज़ोर देते हैं कि वो सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के बिना आगे नहीं बढ़ेंगे और सीरिया को संयुक्त राष्ट्र के पीछे छिपना नहीं देना चाहिए.

ये सही है कि अमरीका को ब्रिटेन की सैन्य मदद की ज़रूरत नहीं है लेकिन बगैर अपने सबसे नज़दीकी सहयोगी (शायद इज़राइल के बाद) के आगे बढ़ने से अमरीका अहम राजनयिक सुरक्षा के बगैर रह जाएगा.

एक ऐसे राष्ट्रपति के लिए जिन्होंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बनाने पर ज़ोर दिया है ये थोड़ा शर्मनाक हो सकता है.

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