सीरिया पर हमला हुआ, तो रूस क्या करेगा ?

- Author, स्टीवेन रोज़ेनबर्ग
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, मास्को
रूस के लोगों को दो चीजों के बारे में बात करना बहुत पसंद हैः इतिहास और भूगोल. इन दिनों फिर से रूस में इन दोनों के बारे में खूब चर्चा हो रही है.
रूसी अधिकारी और मीडिया बार-बार यूगोस्लाविया-1999, इराक़-2003 और लीबिया-2011 का जिक्र कर रहे हैं जहां पश्चिम के सैन्य हस्तक्षेप के बाद सत्ता बदल गई थी.
रूसियों को शक है कि पश्चिम अपनी सूची में सीरिया-2013 को भी जोड़ना चाहता है.
रूस के सरकारी अखबार 'रोसीकाया गज़ट' में इस सप्ताह एक एक शीर्षक था, "क्या ओबामा लीबिया-इराक़ वाले कदम को सीरिया में फिर से दोहराने का ख़तरा उठाएंगे ?"
रूस को लगने लगा है कि अमरीका <link type="page"><caption> सीरिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130828_syria_reax_update_ml.shtml" platform="highweb"/></link> पर हमला करेगा. रूस के विदेशी मामलों की समिति के प्रमुख के तौर पर अलेक्साई पुशकोफ ने रूसी संसद में बयान दिया, "यह केवल वक़्त की बात है."
लेकिन रूसी बार-बार यह भी कह रहे हैं कि सीरिया में सैनिक हस्तक्षेप करना ग़लत होगा.
'बंदर के हाथ में ग्रेनेड'

पहली बात, रूस कहता है कि ऐसे कोई सबूत नहीं है कि पूर्वी दमिश्क में हुए कथित रासायनिक हमले में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार शामिल है.
यदि कोई रासायनिक हमला हुआ भी है, तो रूसियों का तर्क है कि सबूत इशारा करते हैं कि यह हमला विद्रोहियों ने कराया है ताकि शांति वार्ता रुक जाए और सीरिया सरकार पर दबाव बनाया जा सके.
रूस ने ज़ोर देकर कहा है कि <link type="page"><caption> संयुक्त राष्ट्र जाँच दल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130826_syria_un_experts_visit_vs.shtml" platform="highweb"/></link> को सीरिया में अपनी जाँच पूरा करने, रिपोर्ट लिखने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसे प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए.
रूसी लगातार सचेत कर रहे हैं कि सीरिया में सैनिक हस्तक्षेप के "भयानक परिणाम" हो सकते हैं. इससे चरमपंथी इस्लाम में भी उभार आ सकता है.
इस सप्ताह ही रूस के उप प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, "पश्चिम इस्लामी जगत के संग इस तरह व्यवहार कर रहा है जैसे बंदर के हाथ में ग्रेनेड आ गया हो."
रूस मानता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना किसी तरह की सैनिक कार्रवाई करना "अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन" होगा.
रूस क्या करेगा?

सवाल यह भी है कि अगर ऐसा हमला हुआ तो रूस की क्या प्रतिक्रिया होगी?
बुधवार को रूस के सर्वाधिक लोकप्रिय टैबलॉयड 'कोमसोमोलस्किया प्रावदा' ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम <link type="page"><caption> सीरिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130828_syria_country_ra.shtml" platform="highweb"/></link> में सैन्य हस्तक्षेप करता है तो पूरब और पश्चिम के बीच उसी तरह की तनातनी हो जाएगी जैसी 1962 में क्यूबा मिसाइल संकट के मसले पर हुई थी.
अख़बार ने अपनी वेबसाइट पर घोषणा की है, "पेंटागन में बैठे हुए आशावादी अगर सोचते हैं कि रूस केवल चेतावनी देता रहेगा और गुस्सा जताता रहेगा जैसा कि उसने इराक़ और युगोस्लाविया के समय किया था तो शायद वो ग़लत समझ रहे हैं."
"अब समय बदल गया है. बहुत कुछ दाँव पर लगा है. रूस पीछे नहीं हटेगा...पहले कौन झुकेगाः पुतिन या ओबामा?"
हो सकता है कि इस तरह की तनातनी अतिरेक लगे. लेकिन रूस पहले से ही राष्ट्रपति असद का मजबूत साझीदार रहा है. रूस के पश्चिम के साथ सीधे सैन्य टकराव में शामिल होने की भी कम संभावना है.
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है, "रूस की किसी के साथ युद्ध करने की योजना नहीं है."
दूसरे तरीके
<link type="page"><caption> रूस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/08/130827_syria_russia_sks.shtml" platform="highweb"/></link> के पास पश्चिम का विरोध और अमरीका के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करने के दूसरे तरीके भी हैं.
कुछ टिप्पणीकारों को मानना है कि रूस दमिश्क को हथियारों की आपूर्ति बढ़ा सकता है. वो ईरान के साथ अपने संबंध मजबूत कर सकता है और अमरीका के साथ विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सहयोग में कमी कर सकता है.
रूस और पश्चिम के बीच संबंध दिन ब दिन रूखे होते जा रहे हैं.
इसमें तो कोई शक नहीं कि यदि पश्चिमी जगत सीरिया में सैनिक हस्तक्षेप करता है तो इससे पहले से खराब इस रिश्ते और जटिल होंगे.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के क्लिक करें एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












