'जेलब्रेक' पर इंटरपोल का ग्लोबल अलर्ट

जेलब्रेक की कई घटनाओं को अल-कायदा के चरमपंथियों ने अंजाम दिया है
इमेज कैप्शन, जेलब्रेक की कई घटनाओं को अल-कायदा के चरमपंथियों ने अंजाम दिया है

इंटरपोल ने हाल ही में जेल तोड़कर कैदियों को भगाने की घटनाओं में अल-कायदा के कथित तौर पर शामिल होने के बारे में वैश्विक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है.

इंटरपोल ने इराक, लीबिया और पाकिस्तान में जेल ब्रेक की घटनाओं का हवाला दिया है और अपने सदस्य देशों से इस बारे में पता लगाने को कहा है कि क्या ये घटनाएं हाल की घटनाओं से संबंध रखती हैं.

पुलिस एजेंसी सदस्य देशों से भी अनुरोध कर चुकी है कि इस तरह की जानकारी मिलने पर सावधानीपूर्वक उसके बारे में बताएं.

जेल ब्रेक की हाल की घटनाओं में उत्तर पश्चिम पाकिस्तान की एक जेल से 248 कैदी फरार हो गए.

गत 30 जुलाई को डेरा इस्माइल खान की एक जेल में तालिबान चरमपंथी अत्याधुनिक हथियारों के जरिए जेल की दीवार को तोड़कर उसके अंदर चले गए. इस घटना में छह पुलिसकर्मियों समेत कुल 13 लोग मारे गए थे.

खतरनाक चरमपंथी

जेल के अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के दौरान जो कैदी भागने में सफल हुए उनमें से 30 बेहद खतरनाक चरमपंथी थे.

वहीं 22 जुलाई को ईराक की दो जेलों से सैकड़ों कैदी फरार होने में कामयाब हो गए. इनमें कई अल-कायदा के चरमपंथी थे.

इस दौरान जेल के अधिकारियों के साथ इन चरमपंथियों की घंटों लड़ाई चली थी. इसके पांच दिन बाद ही लीबिया के बेनगाजी शहर स्थित जेल से करीब 1,200 कैदी छुड़ा लिए गए थे.

फ्रांस स्थित एक एजेंसी का कहना है, “ऐसी कई जेलब्रेक की घटनाओं में अलकायदा के संदिग्ध चरमपंथियों की भागीदारी थी. इंटरपोल के जरिए सभी 190 सदस्य देशों की इस बारे में जानकारी में मदद मिल सकेगी कि कहीं ये सभी घटनाएं आपस में जुड़ी हुई तो नहीं थीं.”

इंटरपोल की मदद से एक लाभ ये भी होगा कि यदि किसी भी भागे हुए कैदी की लोकेशन मिल जाती है तो उसे पकड़कर ऐसी फिर किसी दुर्घटना से बचा जा सकता है.

इंटरपोल अलर्ट की बात उस समय हो रही है जब दो दिन पहले ही अमरीका ने अपने नागरिकों को अल-कायदा के हमलों के प्रति सचेत करते हुए यात्रा अलर्ट जारी किया था.

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