दिवालिएपन की अर्ज़ी पर क़ानूनी तकरार जारी

अमरीका के राज्य मिशिगन के एक न्यायाधीश ने डेट्रॉयटयट शहर को अपनी वह अर्ज़ी वापस लेने का आदेश दिया है जिसमें उसने 18 अरब डॉलर के क़र्ज़ की वजह से ख़ुद को <link type="page"><caption> दिवालिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/06/120627_us_bankruptcy_rn.shtml" platform="highweb"/></link> घोषित करने की अपील की है.
न्यायाधीश रोज़मेरी एक्विलिना ने कहा कि गुरुवार को दायर की गई याचिका से राज्य के क़ानून और संविधान का उल्लंघन हुआ है क्योंकि इससे पेंशन योजना को नुक़सान पहुंचने का ख़तरा बढ़ा है.
हालांकि राज्य के अटॉर्नी जनरल ने तुरंत ही इस आदेश के ख़िलाफ़ अपील कर दी. इससे पहले गवर्नर रिक स्नाइडर ने कहा था कि शहर के दिवालिया होने से जुड़ी अर्ज़ी देकर जो क़दम उठाया गया है उससे दशकों से चले आ रहे ख़राब हालात बेहतर होंगे.
अगर डेट्रॉयट <link type="page"><caption> दिवालिया </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/06/120627_us_bankruptcy_rn.shtml" platform="highweb"/></link>घोषित होता है तो सरकार की तरफ़ से नियुक्त आपातकाल प्रबंधक केविन ओर को क़र्ज़दारों और पेंशन लेने वालों की मांग को पूरा करने के लिए शहर की संपत्तियों को बेचने की इजाज़त मिल जाएगी.

ओर ने जून में एक प्रस्ताव रखा था कि क़र्ज़दार अपने प्रति डॉलर क़र्ज़ के एवज़ में 10 सेंट्स ले लें. लेकिन सेवानिवृत्त हो चुके शहर के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो पेंशन फंडों ने दिवालिया घोषित करने की इस योजना का विरोध किया.
डेट्रॉयट पर पहले से ही हज़ारों क़र्ज़दारों ने मुक़दमा दर्ज कराया है. शुक्रवार को अपने फ़ैसले में सर्किट जज रोज़मेरी एक्विलिना ने पेंशन लेने वालों का समर्थन किया.
क्या होगा असर
उन्होंने कहा कि 2012 का क़ानून जो दिवालिएपन की अर्ज़ी दाख़िल करने की इजाज़त देता है वह असंवैधानिक था और इससे राज्य के गवर्नर को सरकारी कर्मचारियों के पेंशन लाभ को भी बाधित करने का अधिकार मिल गया था.
हालांकि यह तस्वीर साफ़ नहीं हो पाई है कि इस फ़ैसले का क़ानूनी कार्रवाई पर क्या असर पड़ेगा.

डेट्रॉयट में बीबीसी संवाददाता जॉनी डायमंड ने कहा कि एक बहुस्तरीय क़ानूनी व्यवस्था में यह पहला चरण है और यह संकट में फ़ंसे शहर की असाधारण जटिल राहत योजना पर सवाल खड़े करता है.
डेट्रॉयट <itemMeta>hindi/topics/america</itemMeta> का सबसे बड़ा शहर है जिसने ख़ुद को दिवालिया घोषित करने के लिए अर्ज़ी दी है. वर्ष 2012 में <link type="page"><caption> कैलिफ़ोर्नियां</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/2012/07/120712_us_city_bankrupt_as.shtml" platform="highweb"/></link> के तीन छोटे शहर स्टॉकटन, मैमथ लेक्स और सैन बर्नारडिनो ने ऐसा क़दम उठाया था.
यह शहर दशकों से क़र्ज़ संकट से जूझ रहा है, सरकारी सेवाएं लगभग चरमराने के कगार पर हैं और तक़रीबन 70,000 प्रॉपर्टी ख़ाली छोड़ दिया गया है.
कभी यह शहर वाहन उद्योग का प्रमुख केंद्र हुआ करता था जिसकी वजह से ही इसे ‘मोटर सिटी’ कहा जाता था.
पिछले महीने डेट्रॉयट ने क़र्ज़दारों को क़र्ज़ का पुनर्भुगतान करना बंद कर दिया ताकि शहर में कामकाज जारी रहे.
शुक्रवार को गवर्नर स्नाइडर ने कहा कि शहर ने दिवालिया घोषित करने की अर्ज़ी इसलिए दी क्योंकि इसकी हालत बेहद ख़राब हो गई थी लेकिन अब 60 साल के पतन के दौर को ख़त्म करने का मौक़ा है.
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