अमरीकी शहर ने लगाई दिवालिया होने की गुहार

अमरीकी शहर डेट्रॉयट ने ख़ुद को दिवालिया घोषित किए जाने के लिए अर्ज़ी दी है.
कभी अपनी वाहनो की फ़ैक्ट्रियों की लिए जाना जाने वाले शहर, जिसे इसी वजह से <link type="page"><caption> 'मोटर सिटी'</caption><url href=" Filename: Χ http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/01/130115_detroit_car_show_gallery_aa.shtml" platform="highweb"/></link> के नाम से भी पुकारते थे, पर 18 अरब डॉलर का कर्ज़ है.
शहर की तरफ़ से नियुक्त इमरजेंसी मैनेजर केविन ओर ने अदालत के सामने दिवालियापन की अर्ज़ी दाख़िल की.
अगर अदालत ये अर्ज़ी मंज़ूर कर लेती है तो फिर नगर प्रशासन अपनी संपत्ति को बेचकर क़र्ज़दारों का पैसा चुका पाएगा.
वापसी की शर्त
नगर प्रशासन ने हाल में कर्ज़दारों से इस बारे में बातचीत करने की कोशिश कर रहा था कि वो अपने प्रति डॉलर क़र्ज़ के एवज़ 10 सेंट्स ले लें क्योंकि शहर के पास पैसे नहीं बचे हैं. लेकिन दो पेंशन फ़ंड इस शर्त के लिए तैयार नहीं हुए.
नगर प्रशासन के ख़िलाफ़ एक दूसरी अदालत में मुक़दमे की सुनवाई होनी है. इसमें अदालत से दरख्वास्त की गई है कि नगर प्रशासन को ख़ुद को दिवालिया घोषित करवाने की इजाज़त न दी जाए.

केविन ओर ने कहा कि दिवालियापन की अर्ज़ी शहर की बेहतरी के लिए उठाया गया पहला क़दम है.
शहर के मेयर डेव बिंग ने कहा कि शहर के लोगों को एक नई शुरूआत करनी होगी.
मोटर सिटी
उन्होंने नगर प्रशासन के साथ काम कर रहे लोगों से कहा है कि उनकी तन्ख्वाहें मिलनी जारी रहेंगी.
व्हाईट हाउस ने कहा है कि वो पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए है.
कुछ लोगों का कहना है कि इसका असर शहर के व्यापार और उद्योग पर पडे़गा. लेकिन फोर्ड मोटर कंपनी ने इस तरह की किसी बात से इंकार किया है.
कभी फ़ोर्ड, डाज और दूसरे कई बड़े वाहनों की फ़ैक्ट्रियों के लिए जाने जाने वाले शहर में हाल में जनसंख्या लगातार कम हो रही थी, <link type="page"><caption> वाहन उद्योग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/2012/07/120726_car_japan_sa.shtml" platform="highweb"/></link> की खस्ता हालत है जिससे शहर की आमदनी गिर गई है.
मिशिगन के गर्वनर रिक सिडनी का कहना है कि उन्होंने नगर प्रशासन के इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है क्योंकि शहर के पास कोई भी पैसा नहीं है.
उनका कहना था कि ये समस्या छह दशक पुराना है और अब जो क़दम उठाया जा रहा है उसके बाद नगर प्रशासन इस स्थिति में होगा कि वो नागरिकों के लिए जो ज़रूरी सुविधाएं हैं उसमें पैसे लगा सके.
हालांकि मज़दूर यूनियन के एड मैकनील का कहना था कि ये क़दम उनमें फूट डाले के लिए किया गया है.
उनका कहना था कि गवर्नर शक्ति अपने हाथों में केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं.
<bold>बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें क्लिक करें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और क्लिक करें <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












