परमाणु हथियारों में कटौती की ओबामा की अपील

जर्मनी की चांसलर ने अमरीका के निगरानी कार्यक्रम की आलोचना की थी
इमेज कैप्शन, जर्मनी की चांसलर ने अमरीका के निगरानी कार्यक्रम की आलोचना की थी

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने परमाणु हथियारों के प्रसार को सीमित करने के लिए कोशिशें तेज करने की बात कही है.

बर्लिन के ब्रेडनबर्ग गेट पर दिए अपने एक बड़े भाषण में ओबामा ने प्रस्ताव दिया कि अमरीका और रुस अपने परमाणु हथियारों में एक तिहाई की कटौती करें.

उन्होंने यूरोप में सामरिक हथियारों की तैनाती में कमी करने पर जोर दिया.

ओबामा ने ग्वांतनामो बे जेल बंद करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने का भी संकल्प लिया.

अपने भाषण से पहले ओबामा ने जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल से मुलाकात की जिन्होंने अमरीका के विस्तृत निगरानी कार्यक्रम की आलोचना की थी.

अमरीका के राष्ट्रपति के तौर पर ओबामा की ये पहली जर्मनी यात्रा है.

ब्रेडनबर्ग गेट

ओबामा की ये पहली जर्मनी यात्रा थी
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एक समय में पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी को अलग करने वाले ब्रेडनबर्ग गेट पर छात्रों और अधिकारियों को उनका संबोधन करीब पचास साल पहले अमरीकी राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी के ऐतिहासिक भाषण की याद दिलाता है.

ओबामा ने कहा कि ये गेट इस बात का प्रतीक है कि न्याय की चाहत के आगे कोई दीवार खड़ी नहीं हो सकती.

ओबामा का कहना था कि आज के दौर में डर इतना गहरा नहीं है जितना पचास साल पहले था, लेकिन स्वतंत्रता, सुरक्षा और मानवीय प्रतिष्ठा को लेकर अभी भी संघर्ष जारी है.

उन्होंने कहा, "हम वैश्विक विनाश के खतरे में लंबे समय तक नहीं रह सकते, लेकिन जब तक परमाणु हथियार रहेंगे हम पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं."

ओबामा ने इन हथियारों के फैलाव को सीमित करने की कोशिशों को तेज़ करने की भी बात कही.

ओबामा के इस भाषण को ऐतिहासिक माना जा रहा है
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अमरीकी राष्ट्रपति का कहना था कि वे इस बात को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि अमरीका अपने और अपने सहयोगियों के यहां हथियारों में कटौती का आश्वासन दे सकता है और इस तरह से एक तिहाई हथियारों की कटौती का मकसद हासिल किया जा सकता है.

स्टार्ट संधि

साल 2010 में अमरीका ने रूस के साथ जिस नई स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किया था उसके मुताबिक दोनों देशों के पास अधिकतम 1550 युद्धक हथियार हो सकते हैं और 700 से ज़्यादा लॉन्चर्स को तैनात नहीं किया जा सकता.

ओबामा ने कहा कि अमरीका ने उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देशों द्वारा परमाणु क्षमता हासिल करने की कोशिशों का विरोध किया है.

वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के एक सलाहकार का कहना था कि दूसरे परमाणु संपन्न देशों को भी हथियारों की कटौती के बारे में कदम उठाना होगा.

बराक ओबामा की ये यात्रा जी8 देशों की बैठक के तत्काल बाद हुई है जिसमें सीरिया के मुद्दे पर जल्द से जल्द जेनेवा में शांति वार्ता आयोजित करने पर सहमति बनी थी.

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