फ़लस्तीन शांति वार्ता के लिए शर्त न रखे: ओबामा

ओबामा ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाक़ात की. (तस्वीर एपी)
इमेज कैप्शन, ओबामा ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाक़ात की. (तस्वीर एपी)

अमरीकी राष्ट्रपति <link type="page"><caption> बराक ओबामा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130320_international_us_obama_israel_vd.shtml" platform="highweb"/></link> ने फलस्तीनियों से कहा है कि वो इसराइल के साथ शांति वार्ता के लिए अपनी उस शर्त को हटा दें जिसमें फलस्तीनी इलाक़ों में यहूदियों की बस्ती बसाने पर रोक लगाने की बात कही गई है.

फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बातचीत के बाद ओबामा ने रामल्ला में कहा कि 'बस्तियां बसाने का काम शांति स्थापित करने के लिए सही नहीं है.'

इन बस्तियों को बसाने का काम इसराइल और फलस्तीन के बीच शांति प्रकिया में बड़ी बाधा बनकर उभरा है.

पिछले साल इसराइल ने कब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम और पश्चिमी तट में 3000 और रिहाइशी इकाइयां बनाने का फैसला किया था.

फलस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि जब तक <link type="page"><caption> इसराइली बस्तियां </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121130_international_others_israel_new_settlements_ar.shtml" platform="highweb"/></link>बनने पर रोक नहीं लगती, तब तक वो शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे.

ई1 नाम के इलाके में यहूदी बस्तियां बनाने की योजनाओं का फलस्तीनी कड़ा विरोध करते रहे हैं.

<link type="page"><caption> फलस्तीनियों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121130_palestine_status_aa.shtml" platform="highweb"/></link> का कहना है कि इससे पश्चिमी तट दो हिस्सों में बंट जाएगा और एक समूचे फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण में बाधा आएगी.

दोराहे पर इसराइल

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि 'दो राष्ट्र' के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं लेकिन दोनों ही पक्षों को अपनी आपसी असहमतियों से निकलना होगा.

फलस्तीनियों का कहना है कि शांति वार्ता शुरु करने के लिए कब्ज़े वाले इलाकों में यहूदी बस्तियों का बनना बंद होना चाहिए.
इमेज कैप्शन, फलस्तीनियों का कहना है कि शांति वार्ता शुरु करने के लिए कब्ज़े वाले इलाकों में यहूदी बस्तियों का बनना बंद होना चाहिए.

यरूशलम में छात्रों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, "इसराइल दोराहे पर खड़ा है लेकिन उसे अलगाव के विरोधी प्रवाह से निकलना होगा और समझना होगा कि शांति के लिए समझौता करना ज़रूरी है."

उन्होंने आगे कहा, "जिस तरह इसराइल ने अपने घर में देश बनाया है उसी तरह फलस्तीनियों को भी हक़ है कि वो अपने घर में आज़ाद लोगों की तरह रह सके."

ओबामा ने कहा कि इसराइल एक यहूदी लोकतांत्रिक देश के रूप में तभी फल-फूल सकता है जब एक स्वतंत्र और सक्षम फलस्तीनी राष्ट्र बन जाए.

बाद में ओबामा ने इसराइलियों से कहा कि महमूद अब्बास शांति प्रकिया में उनके साथी हैं.

राष्ट्रपति ओबामा इसराइल के अपने पहले दौरे पर हैं.

इससे पहले बुधवार को ओबामा ने तेल अवीव में इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति सिमोन पेरेज़ से मुलाकात की थी.