जब सोशल मीडिया बना जान का दुश्मन!

सुनील त्रिपाठी
इमेज कैप्शन, सुनील त्रिपाठी मार्च से लापता चल रहे हैं

अमरीका में बॉस्टन मैराथन धमाके के संदिग्धों को ढूढ़ने के लिए <link type="page"><caption> सोशल मीडिया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130322_soical_media_duel_china_pn.shtml" platform="highweb"/></link> पर भी जोर-शोर से मुहिम शुरु हुई. पर इससे हमले में शामिल असली हमलावर तो नहीं मिले, लेकिन कुछ मासूमों की जान पर बन आई.

रेडिट, 4चेन, <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130404_facebook_kid_skj.shtml" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130415_twitter_music_ra.shtml" platform="highweb"/></link> जैसी सोशल साइटों पर लोग अपनी-अपनी तरह से जाँच में जुटे गए.

कई तरह की कहानियां गढ़ी जा रही थी. वीडि़यो फुटेज और तस्वीरों को देखकर लोग अपने हिसाब से संदिग्धों की पहचान कर रहे थे. लेकिन इस दौरान जो भी नाम उभरे वो सभी गलत साबित हुए.

रेडिट
इमेज कैप्शन, संदिग्धों की तलाश के लिए रेडिट पर एक विशेष सेक्शन बनाया गया.

शुक्रवार को <link type="page"><caption> संदिग्धों के पकड़े जाने </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/04/130420_boston_suspect_capture_va.shtml" platform="highweb"/></link>के साथ ही सोशल मीडिया पर इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया.

शुरुआत में ट्विटर पर जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, वो नाम था भारतीय मूल के सुनील त्रिपाठी का. लेकिन 22 साल के सुनील मार्च से ही लापता हैं.

सोशल मीडिया पर उनके नाम और तस्वीर को सबसे ज्यादा शेयर किया गया.

विशेष सेक्शन

रेडिट पर एक विशेष सेक्शन तैयार किया गया और इसे नाम दिया गया –'फाइंड बॉस्टन बॉम्बर्स'. इसमें लोगों ने जमकर अपने आइडिया और फुटेज भेजे. साथ में ये भी बताया कि उनकी नज़र में कौन संदिग्ध है.

संदिग्धों में 17 साल के 'सलाह बरहून' का नाम भी उभरा, ये भी गलत साबित हुआ. बरहून ने एबीसी न्यूज से कहा कि उन्हें अब जान का खतरा है.

अमरीकी जाँच ऐजेंसी <link type="page"><caption> एफबीआई</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/04/130419_boston_bombing_suspects_pictures_sp.shtml" platform="highweb"/></link> ने जैसे ही असली संदिग्धों को खोज निकालने की पुष्टि की, वैसे ही 'फाइंड बॉस्टन बॉम्बर्स' ग्रुप को चलाने वालों ने स्पष्टीकरण दिया कि अब इस बारे में किसी भी पोस्ट को तुरंत हटा दिया जाएगा.

कई सदस्यों ने तो इसके बाद बाकायदा माफी भी मांग ली.

रेडिट के यूजर रादर_कनफ्यूज्ड ने कहा, “मैं सुनील त्रिपाठी और उनके परिजनों से माफी मांगता हूं. गलत सूचना के कारण उन्हें जो तकलीफ हुई उसका हमें अफसोस है. हमसे पहचानने में गलती हो गई.”

त्रिपाठी के परिवार ने फेसबुक पर एक मैसेज में कहा, “पिछले 12 घंटों में हमारे प्यारे सुनील के बारे में जो कुछ कहा गया, उससे हमें गहरा दुख पहुंचा है. हम उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने सुनील को ढूंढ़ने में मदद का आश्वासन दिया है.”