'भाग्यशाली हूं कि जिंदा हूं '

चार महीने के अंतराल के बाद ब्रिटेन के जाने माने एंकर एंड्रयू मार जब टीवी पर आए तो उन्होंने कहा, “भाग्यशाली हूं कि जिंदा हूं.” पक्षाघात के बाद ये पहली बार था जब वो टीवी पर दिखाई दे रहे थे.
बीबीसी के एक कार्यक्रम में एंड्रयू मार ने बताया कि पक्षाघात से पहले “जरूरत से ज्यादा काम कर रहे थे." इसके अलावा रोइंग मशीन पर किए गए कठिन अभ्यास ने इस खतरे को और बढ़ा दिया.
53 साल के मार इसी साल जनवरी में बीमार पड़े थे. उनका कहना है कि चलने फिरने में मदद के लिए वो “खूब व्यायाम” कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि वो काम पर लौटेंगे.
रविवार के कार्यक्रम के लिए मार एक परिचर्चा में भी शामिल हुए. इसे पहले ही रिकॉर्ड किया गया था. परिचर्चा मार्गरेट थैचर की परंपरा के बारे में थी. इसकी समाप्ति के बाद उन्होंने अपने स्वास्थ्य के बारे में भी बात की.
शो की मेहमान एंकर सोफी रॉवर्थ को उन्होंने बताया,“मुझे जबर्दस्त पक्षाघात हुआ था. सच बात तो ये है कि जिंदा होकर मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं. मैं लगातार जरूरत से ज्यादा काम कर रहा था. और ये मेरी ही गलती है. इससे पहले भी दो बार हल्के दौर पड़ चुके थे लेकिन मैंने उन पर ध्यान नहीं दिया.”
'गलती मेरी थी'
मार ने बताया कि वो दरअसल अखबारों में प्रचारित उस सोच का शिकार हो गए जिसमें कम समय में कठिन शारीरिक अभ्यास की सलाह दी जाती है.
उन्होंने बताया, “मैं रोइंग मशीन पर गया और अपनी पूरी क्षमता से अभ्यास किया. इसके बाद ही मुझे सिरदर्द होने लगा, फिर मैंने खाना खाया और बिस्तर पर चला गया. अगली सुबह जब मैं उठा तो मैंने खुद को फर्श पर पाया. मैं चलने फिरने में भी असमर्थ था.”
मार ने देश के नाम संदेश में कहा कि लोग “रोइंग मशीन से सावधान रहें. या कम से कम रोइंग मशीन पर ज्यादा उत्साह में काम न लें.”

दौरे की वजह से हालांकि न तो मार की आवाज खराब हुई है और न ही उनकी याददाश्त में कोई फर्क पड़ा है लेकिन उनका कहना है कि इससे उनके “शरीर का बायां हिस्सा प्रभावित हुआ है.इसीलिए वो चलने फिरने में असमर्थ हैं.”
'वापस आ रहा हूं'
एंड्रयू कहते हैं कि वो कड़े व्यायाम के बाद काम पर लौटने के बारे में सोच रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं निश्चित रूप से वापसी करूंगा. मेरे पास कहने के लिए बहुत कुछ है.”
ग्लासगो में पैदा हुए मार ने 1981 में अपना करियर “स्कॉटमैन” समाचार पत्र से शुरु किया था. इसके बाद वो इसके राजनीतिक संवाददाता बनकर लंदन चले गए. इसके बाद वो 1986 में “द इंडिपेंडेंट” से जुड़ गए. बाद में वो इस अखबार के संपादक भी बने.
मई 2000 में उन्होंने बतौर राजनीतिक संपादक बीबीसी के साथ काम शुरु किया. राजनीतिक कार्यक्रमों के अलावा मार ने कई ऐतिहासिक कार्यक्रमों में भी एंकरिंग की है. इसके अलावा वो पांच किताब भी लिख चुके हैं.
उनकी पत्नी जैकी ऐशले भी पेशे से पत्रकार हैं. उनके तीन बच्चे हैं. टीवी पर प्रसारित उनका शो “एंड्रयू मार” और रेडियो पर “स्टार्ट द वीक” उनकी बीमारी के दौरान भी चलता रहा.












