आज भी महिलाएं ज़्यादा पिसती हैं घरेलू काम में

दुनिया तेज़ी से बदल रही है और महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है .लेकिन सच्चाई ये है कि ब्रिटेन जैसे विकसित देश में भी महिलाओं को अपने पतियों से ज़्यादा घरेलू काम करना पड़ता है.
एक अध्ययन के मुताबिक ब्रिटेन में दस में से आठ विवाहित महिलाएं अपने पतियों से ज़्यादा घरेलू काम करती हैं.
इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च के एक <link type="page"><caption> सर्वेक्षण</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/06/120612_cities_survey_rn.shtml" platform="highweb"/></link> में ये बात सामने आई है.
परंपरागत तौर पर पुरुष की भूमिका कमाने वाले की और महिला की भूमिका घर चलाने वाली की रही है. लेकिन नए ज़माने में पुरुष और महिलाएं कमाने, बच्चे पालने और घरेलू कामकाज में एकदूसरे का हाथ बंटा रहे हैं.
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बढ़ोतरी
‘द टेलीग्राफ’ के मुताबिक ब्रिटेन में पिछले 15 सालों में घरेलू कामकाज करने वाले पुरुषों में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है. लेकिन पूरे देश में केवल 62 हज़ार पुरुष ही ऐसे हैं जो विशुद्ध रुप से केवल घरेलू काम करते हैं.
दस में से आठ महिलाएं हर हफ्ते सात या उससे ज़्यादा घंटे तक घरेलू काम करती हैं जो कि एक पूरे दिन के काम के घंटों के बराबर है.
इनमें से एक तिहाई यानि 30 प्रतिशत महिलाएं सात से 12 घंटे तक काम करती हैं जबकि 45 प्रतिशत कम से कम 13 घंटे काम करती हैं.
केवल तीन प्रतिशत महिलाएं हर हफ्ते तीन घंटे से कम समय तक घरेलू काम करती हैं.
सर्वेक्षण के मुताबिक केवल 13 प्रतिशत विवाहित महिलाओं ने कहा कि उनके पति उनसे ज़्यादा काम करते हैं.












