एकदम नए अवतार में फ़ेसबुक

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फ़ेसबुक ने अपनी डिज़ाइन में पूरी तरह से बदलाव कर लिया है. नए अवतार में ये एंड्रॉएड और ऐपल जैसे मोबाइल फोनों के लिए काफी अनुकूल है.
इसके नए प्रारूप में न्यूज़ फ़ीड के लिए विषय के आधार पर खास तरह के विकल्प दिए गए हैं.
इस बदलाव का फ़ेसबुक को एक फ़ायदा यह हुआ है कि कंप्यूटर की स्क्रीन पर विज्ञापन ज्यादा जगह लेंगे और ऐसे में इनकी अनदेखी करना बड़ा मुश्किल होगा.
हालांकि इस परियोजना के प्रमुख इंजीनियर ने इस बात से इंकार किया है कि वेबसाइट को दोबारा डिजाइन करने में विज्ञापनों को ध्यान में रखा गया है.
मुख्य इंजीनियर क्रिस स्ट्रार का कहना है कि उनका मुख्य मकसद ये था कि न्यूज़ फ़ीड को ज्यादा से ज्यादा सूचनाओं से भरपूर बनाया जाए ताकि हर एक पोस्ट पर लोग ज्यादा देर तक रुकें.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “फ़ेसबुक के बारे में लोगों से एक जो विपरीत बात सुनने में आती थी वो ये कि वेबसाइट बहुत ही अव्यवस्थित लगती थी और ऐसा लगता था कि एक साथ बहुत सी चीजें इस पर हो रही हैं.”
उन्होंने बताया, “हम चाहते थे कि पेज को साफ-सुथरा, व्यवस्थित, आसान और सरल बनाया जाए ताकि लोगों को इस पर ज्यादा देर तक रोका जा सके.”
फायदे में कमी

इसी साल जनवरी महीने में फ़ेसबुक ने खबर दी थी कि एक अरब से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो कि महीने में एक बार फ़ेसबुक का इस्तेमाल करते हैं.
वेबसाइट का ये भी कहना था कि साल 2012 में उसके लाभ में 79 फीसद की गिरावट आई थी. ऐसा तब था जबकि उसके राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई थी, लेकिन वेबसाइट ने शोध और विकास पर ज्यादा पैसा खर्च किया जिसकी वजह से कुल लाभ में इतनी बड़ी कमी आई.
दरअसल सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटें इस बात से भली-भांति वाकिफ़ हैं कि न्यूज़ फ़ीड की साइट में विज्ञापनों की संख्या दाहिनी ओर वेब ब्राउज़र की ओर के विज्ञापनों से ज्यादा होती हैं. मोबाइल फोनों में ये हिस्सा अक्सर दिखाई नहीं पड़ता है.
न्यूज़ फ़ीड को बड़ा करने से अब प्रायोजित विज्ञापनों के लिए बड़ा स्पेस उपलब्ध हो सकेगा.
मुख्य इंजीनियर स्ट्रार का कहना है कि ‘लाइक’ कॉलम को और बड़ा बनाया गया है जो कि व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद है. हालांकि उनका कहना था कि इसके पीछे ये मकसद नहीं था
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस नई डिजाइन से नए अवसरों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं.












