गर्लफ्रेंड मर्डर केस में नया ट्विस्ट

ऑस्कर पिस्टोरियस
इमेज कैप्शन, पिस्टोरियस केस के डिटेक्टिव खुद जांच के घेरे में आ गए हैं.

गर्लफ्रेंड रीवा स्टीनकैंप की हत्या के <link type="page"> <caption> अभियोग</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/02/130220_pistorius_witness_akd.shtml" platform="highweb"/> </link> का सामना कर रहे पैरालिंपिक चैम्पियन ऑस्कर <link type="page"> <caption> पिस्टोरियस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/02/130214_pistorius_update_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> के मामले में नया मोड़ आ गया है.

मामले की जांच के लिए दक्षिण अफ्रीका की पुलिस ने देश के सबसे आला दर्जे के जाँच अधिकारी की नई नियुक्ति की है.

इससे पहले ऐसी खबरें आई थी कि पिस्टोरियस की <link type="page"> <caption> गर्लफ्रेंड</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/02/130214_oscar_pistorius_shoot.shtml" platform="highweb"/> </link> रीवा स्टीनकैंप के कत्ल की जांच कर रहे अधिकारी हिल्टन बोटा खुद हत्या की कोशिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं.

पिस्टोरियस की <link type="page"> <caption> जमानत</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/02/130215_international_others_pistorius_vd.shtml" platform="highweb"/> </link> याचिका की तीसरे दिन की सुनवाई के बाद राष्ट्रीय पुलिस आयुक्त मंगवाशी फिएगा ने इस बदलाव की घोषणा की.

फिएगा ने बताया कि अभियोजन पक्ष को डिटेक्टिव बोटा के बारे बुधवार को ही पता चला.

मामले पर असर

इस खबर से कई लोग चौंक गए थे कि डिटेक्टिव हिल्टन बोटा खुद हत्या की कोशिश के आरोपों का दोबारा सामना कर रहे हैं.

अब सवाल यह उठता है कि इस बात के पता चलने से रीवा स्टीनकैंप के कत्ल के मामले पर क्या असर पड़ेगा.

उधर डिटेक्टिव बोटा पर हत्या की कोशिश के मामले के दोबारा शुरू होने के वक्त को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है.

हालांकि राष्ट्रीय अभियोजन महकमे का कहना है कि डिटेक्टिव बोटा के मामले का पिस्टोरियस की गर्लफ्रेंड के कत्ल की जांच से कोई सरोकार नहीं है.

जमानत याचिका पर सुनवाई

ऑस्कर पिस्टोरियस
इमेज कैप्शन, अदालती कार्रवाई के दौरान ऑस्कर पिस्टोरियस

यह दिलचस्प है कि डिटेक्टिव बोटा से जुड़ी सूचना पिस्टोरियस के बचाव पक्ष या अभियोजन को नहीं दी गई थी.

कुछ लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि डिटेक्टिव बोटा पहले बचाव पक्ष की कड़ी जिरह के दौरान दबाव में आखिरकार यह कह बैठे कि उन्होंने पिस्टोरियस के बयान के विरोधाभास में कोई सबूत उस वक्त तक नहीं देखा था.

डिटेक्टिव बोटा पिस्टोरियस की जमानत याचिका को चुनौती देने के अभियोजन पक्ष के रवैये को पहले ही नुकसान पहुंचा चुके हैं और इस खबर के आने से मजिस्ट्रेट के फैसले पर शायद ही कई असर पड़े.