पुलिस के सबूतों को बचाव पक्ष ने दी चुनौती

दक्षिण अफ्रीकी एथलीट <link type="page"> <caption> ऑस्कर पिस्टोरियस</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/02/130215_pistorious_oscar_va.shtml" platform="highweb"/> </link> के वकीलों ने पुलिस के एक वरिष्ठ जासूस की गवाही को ज़मानत अर्जी की सुनवाई के दूसरे दिन चुनौती दी है.
पुलिस के इस जासूस ने कहा था कि एक चश्मदीद ने उस रात पिस्टोरियस के घर में गोलियां चलने, फिर चीख और फिर और गोलियां चलने की आवाज़ें सुनी थीं.
लेकिन पूछताछ के दौरान जासूस हिल्टन बोथा ने अपनी गवाही के ब्योरे में बदलाव किया जिस पर बचाव पक्ष के वकील सवाल उठा रहे हैं.
बुधवार को <link type="page"> <caption> अभियोजन पक्ष</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2013/02/130214_oscar_pistorius_shoot.shtml" platform="highweb"/> </link> ने एक गवाह के हवाले से कहा कि उसने 14 फ़रवरी को रात दो से तीन बजे के बीच पिस्टोरियस के घर से लगातार तेज़ आवाज़ में बातचीत सुनी थी जिससे लग रहा था कि झगड़ा हो रहा है.
घटनास्थल पर पहुंचनेवाले पहले मुख्य जांच अधिकारी और जासूस हिल्टन बोथा ने कहा कि एक अन्य चश्मदीद ने पिस्टोरियस के घर से चीखें और गोलियों की आवाज़ सुनने की बात स्वीकार की है.
'गोली और चीख़'
उन्होंने अदालत को बताया, “हमारे पास उस व्यक्ति का बयान है जिन्होंने कहा कि गोलियों की आवाज़ सुनने के बाद वो अपनी बालकनी में गए और देखा की बत्ती जली हुई है. उसके बाद उन्होंने एक महिला को दो-तीन बार चीखते हुए सुना और फिर से गोलियों की आवाज़ सुनी.”
लेकिन इस गवाह द्वारा पेश किए गए सबूत पर संदेह भी जताए जा रहे हैं क्योंकि जासूस बोथा ने अदालत को बताया कि गवाह ने कथित झगड़े की आवाज़ें 600 मीटर दूर से सुनी थीं.
बाद में उन्होंने अपना बयान बदला और अभियोजन पक्ष को बताया कि चश्मदीद 300 मीटर दूर था न कि 600 मीटर.
पिस्टोरियस का दावा है कि गोली चलने से पहले वो सो रहे थे और दोनों के बीच कोई कहासुनी नहीं हुई थी.
लेकिन बोथा की गवाही से उनके इस यक़ीन का पता चलता है कि पिस्टोरियस ने जान-बूझकर अपनी गर्लफ्रेंड को गोली मारी थी.
बोथा ने अदालत को बताया, “मैं ऐसा मानता हूं कि पिस्टोरियस को ये पता था कि रीवा बाथरूम में हैं और उन्होंने दरवाज़े से चार गोलियां चलाईं.”
ज़मानत पर सवाल
इससे पहले बोथा ने कहा कि रात 4.15 बजे जब वो पिस्टोरियस के घर पहुंचे तो उन्होंने स्टीनकैंप को ज़मीन पर मृत पाया. उन्होंने सफेद पैंट और काली वेस्ट पहन रखी थी और उनपर तौलिया डाला हुआ था.
बचाव पक्ष का कहना है कि जांच अधिकारी बोथा सबूतों का अपने हिसाब से निर्वचन कर रहे हैं.
प्रीटोरिया की एक अदालत में चल रहे मुक़दमे के दूसरे दिन पुलिस ने कहा कि अगर पिस्टोरियस कोज़मानतदी जाती है तो वो भाग भी सकते हैं.
ब्लेड रनर पिस्टोरियस ने अदालत में दिए बयान में इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने सोच-समझकर अपनी गर्लफ्रेंडस्टीनकैंपकी हत्या की. पिस्टोरियस ने कहा कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को ‘लुटेरा’ समझकर गोली चलाई थी.
26 वर्षीय पिस्टोरियस के इस मुक़दमे की प्रक्रिया के पूरी होने में महीनों लग सकते हैं.
हालांकि पिछले हफ्ते वैलेंटाइन डे के दिन जो कुछ भी हुआ था उससे संबंधित नई जानकारियां सामने आती जा रही हैं.
दूसरे दिन की सुनवाई में पिस्टोरियस की तरफ से ये दावा किया गया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष उनके बचाव की कोशिशों को कमज़ोर कर सकते हैं.
पिस्टोरियस की ज़मानत अर्ज़ी पर अगली सुनवाई अब गुरुवार को होनी है.

अदालत में मौजूद बीबीसी संवाददाता एंड्र्यू हार्डिंग का कहना है कि जिस तरह से पिस्टोरियस से पूछताछ की जा रही है उससे लगता है कि उन्हें ज़मानत मिल सकती है.
पिस्टोरियस का बयान
मंगलवार को पिस्टोरियस ने अदालत को बताया था कि मध्य रात्रि में जब उनकी नींद खुली तो आवाज़ें सुनकर अनुमान लगाया कि बाथरूम में कोई व्यक्ति है.
उसके बाद उन्होंने दरवाज़े से गोली चलाई और उसके बाद महसूस किया कि उनकी गर्लफ्रेंड स्टीनकैंप बिस्तर पर नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि स्टीनकैंप की मृत्यु से वो गहरे सदमें में हैं.
जज ने इस मामले को जान-बूझकर की गई हत्या के मामले के रूप में स्वीकार किया है.
अब बचाव पक्ष के वकीलों को ऐसी दलीलें पेश करनी होगी जिसे पिस्टोरियस की ज़मानत का आधार बनाया जा सके .
मंगलवार को इस मामले की पहली सुनवाई के दिन ही पिस्टोरियस की गर्लफ्रेंड स्टीनकैंप का अंतिम संस्कार किया गया.
29 साल की मॉडल और विधि स्नातक स्टीनकैंप को उनके गृहनगर पोर्ट एलिज़ाबेथ में दफ़नाया गया.
ऑस्कर पिस्टोरियस ने 2004 के एथेंस में हुए <link type="page"> <caption> पैरालिंपिक</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/07/120704_pistorious_olympics_sa.shtml" platform="highweb"/> </link> खेलों में स्वर्ण पदक जीता था जबकि 2008 में बीजिंग और 2012 में लंदन में भी उन्हें <link type="page"> <caption> स्वर्ण पदक </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/08/120804_blade_runner_as.shtml" platform="highweb"/> </link>मिला था.
लंदन ओलंपिक में वो दुनिया के ऐसे पहले खिलाड़ी बन गए थे जो <link type="page"> <caption> दोनों पैरों से लाचार</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2011/08/110828_oscar_sports_skj.shtml" platform="highweb"/> </link> होने के बावजूद 400 मीटर की दौड़ में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे.












